चार वर्षों की गतिविधियों पर हुई चर्चा, भावी कार्ययोजनाओं पर भी हुआ विचार मंथन
उदयपुर, 26 अक्टूबर। दक्षिण राजस्थान में पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध ग्रीन पीपल सोसायटी की समीक्षा बैठक गुरुवार को अरण्य कुटीर में सोसायटी अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सोसायटी की स्थापना के बाद गत चार वर्षों के तहत संपन्न गतिविधियों और अर्जित उपलब्धियों पर चर्चा के साथ ही भावी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से विचार मंथन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि सुथार मादड़ा गांव को गोद लेने का सोसायटी का कार्य काबिले तारीफ है और इसके लिए सोसायटी ने वन विभाग के साथ टीएडी व आरएसएमएम के माध्यम से 33 लाख रुपये जुटाकर बेहतरिन कार्यों को हाथ में लिया है। उन्होंने सुथार मादड़ा गांव का बेसिक डेटा संग्रह कार्य करने की जरूरत बताई और बेसलाइन सर्वे से भविष्य में तुलनात्मक अध्ययन को सुविधाजनक बताया।
ग्रीन पीपल सोसायटी की बैठक संपन्न
समिति अध्यक्ष राहुल भटनागर ने आने वाले वर्षों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी देते हुए सुथार मादड़ा गांव के तालाब के समग्र विकास के लिए की जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन गतिविधियों के अधिकाधिक आयोजन के लिए सोसायटी को आयजनक गतिविधियों को भी संपादित करने और कॉरपरस फंड जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया।
इस दौरान सोसायटी सचिव डॉ. सतीश कुमार शर्मा, डॉ. शरद श्रीवास्तव, मोहम्मद यासिन पठान, श्यामनारायण दवे, प्रताप सिंह चुंडावत, सोहेल मजबूर, डॉ. ललित जोशी, इस्माइल अली दुर्गा, अरुण सोनी आदि ने विचार व्यक्त करते हुए विविध गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मौके पर सोसायटी के लिए ॅेड जुटाने, भूमि आवंटन करवाने, सोसायटी का कार्यालय स्थापित करने, ब्रोशर निर्माण, न्यूज लेटर के लिए घोषणा पत्र तैयार करने सहित अन्य विषयों पर समिति सदस्यों को दायित्व सौंपे गए।
चार वर्षों में ये गतिविधियां हुई: बैठक दौरान सोसायटी सचिव डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि 18 फरवरी, 2020 को सोसायटी की स्थापना होने के बाद अब तक लगभग चार वर्षों में सोसायटी ने पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की अनेकों गतिविधियों का आयोजन किया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में सोसायटी ने 42 बैठकें, 2 पक्षी गणना, 5 वृक्षारोपण अभियान, 12 वेटलेण्ड निरीक्षण, लेंटाना उन्मूलन कार्य, 3 पेडल टू जंगल कार्यक्रम, वन विभाग के साथ 3 बर्ड फेस्टिवल, 4 वाईल्डलाईफ विक, 5 पशु चिकित्सा शिविर, 2 कन्जर्वेशन रिजर्व निर्माण में सहयोग सहित कोविड अवधि में 11 वेबीनार व वार्ताओं के साथ कई पर्यावरणीय विषयों में जागरूकता संबंधित अन्य गतिविधियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
