बाल विवाह की जानकारी साझा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिला 1100 रूपये का प्रोत्साहन पुरस्कार एवम् सम्मान
बाल विवाह पर राजस्थान उच्च न्यायालय का न्यायिक हतौडा, 3 मई से 23 मई 2024 तक प्रतापगढ़ में चलेगा विशेष अभियान
(बाल विवाह मुक्त प्रतापगढ़ अभियान का आगाज, सूचना साझा करने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय)
प्रतापगढ़ 03.05.2024 | प्रदेश में बाल विवाह की मौजूदा स्थिति चिंताजनक हैं | दक्षिणी राजस्थान में बालश्रम एवं दुर्व्यापार सहित बाल विवाह का होना समाज पर कलंक है | विधिक सेवा प्राधिकरण सहित प्रशासन इसकी रोकथाम हेतु तत्पर है परंतु स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं एवं जन प्रतिनिधियों की इस दिशा में अहम् भूमिका हो सकती है | गायत्री सेवा संस्थान द्वारा बाल विवाह रोकने हेतु जारी पृथक से हेल्पलाइन एवं सूचना साझा करने वालों को सम्मानित करने की पहल सराहनीय है | उक्त विचार शहर के कृषि मंडी रोड स्थित पेंशनर समाज भवन में गायत्री सेवा संस्थान एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित बाल विवाह मुक्त प्रतापगढ़ अभियान के आगाज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राजस्थान बाल आयोग, राजस्थान सरकार के सदस्य ध्रुव कुमार कविया ने व्यक्त किये |
जिला बाल सरंक्षण इकाई के निदेशक के.के चंद्रवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (2019-21) के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 20-24 आयु वर्ग के 25.4 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 साल की उम्र से पहले हुआ है l राजस्थान में 10 मई को अक्षय तृतीया एवं 25 मई को पीपल पूर्णिमा को बाल विवाह होने की अत्यधिक संभावना को देखते हुए गायत्री संस्थान द्वारा एक माह का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है जो सराहनीय पहल है, जिसमें कोई भी आमजन अपने आसपास बाल विवाह होने की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9610386409 या चाइल्ड लाइन 1098 पर दे सकता है जहां उनकी पूरी पहचान गोपनीय रखी जाएगी एवं उन्हें संस्थान द्वरा 1100 (ग्यारह सो रुपए) की पुरस्कार राशि दी जाएगी |
बाल अधिकार विशेषज्ञ एवम् जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलाइंस के सदस्य डॉ. शैलेंद्र पण्ड्या ने बताया कि एलाइंस द्वारा अक्षय तृतीया के मौके पर बड़े पैमाने पर होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग के साथ राजस्थान उच्च न्यायलय में जनहित याचिका दी गई थी l जिसके परिणाम स्वरूप न्यायमूर्ति शुभा मेहता और पकंज भंडारी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इन विवाहों पर रोक लगाने के सख्त आदेश सहित पंच-सरपंचों की जवाबदेही तय करने हेतु निर्देशित किया है |
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुकेश कुमार नागदा अध्यक्ष बाल कल्याण समिति प्रतापगढ़ ने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई को बहुआयामी बताते हुए समाज के सभी स्तरों पर कार्रवाही होना आवश्यक बताया | नागदा ने पंडित, मौलवी, हलवाई, समाज के प्रमुख लोगों सहित विभिन्न हितधारको को बाल विवाह के प्रति जागरूक करने की बात कही |
इस अवसर पर राजस्थान बाल आयोग, , बाल कल्याण समिति प्रतापगढ़ की कमल गुर्जर, मुकेश, विक्रम सिंह श्रम विभाग, गायत्री सेवा संस्थान प्रतापगढ़ के जिला समन्वयक राम चन्द्र मेघवाल ने भी अपने सुझाव एवं अभियान को सफल बनाने हेतु विचार प्रकट कीए |
कार्यक्रम के अंत में अभियान के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता हेतु पिछले वर्ष सूचना देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओ को अतिथियों द्वारा समान्नित किया गया |
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य सुरेश शर्मा, चाइल्ड लाइन समन्वयक शाहबाज खान, गायत्री सेवा संस्थान से पूजा राजपूत, नंद लाल, श्याम मीणा ,शुशीला, गणपत, रमेश, बाल कल्याण समिति, एवं विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे|
कार्यक्रम का संचालन गायात्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधि नितिन पालीवाल ने किया एवं धन्यवाद आशिता जैन ने व्यक्त किए |
