उदयपुर, 6 जनवरी। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की बागोर की हवेली स्थित कला वीथी में अहमदाबाद की चितेरी हर्षा लखानी के चित्रों की प्रदर्शनी ‘वॉयेज ऑफ रिदम’ शुक्रवार को प्रारम्भ हुई जिसमें हर्षा के कला क्षेत्र में 30 सालों की यात्रा को दर्शाया गया। प्रदर्शनी में दर्शाये चित्रों में नारी के विभिन्न बिम्बों को कैनवास पर बखूबी बनाया गया है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन केन्द्र निदेशक किरण सोनी गुप्ता तथा वरिष्ठ चित्रकार व कलाकार डॉ. गगन बिहारी दाधीच, उत्तर प्रदेश कला विभाग के अतुल दुबे द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। प्रदर्शनी में मुख्य थीम नारी देह यष्टि रही। अधिकांश चित्रों में कांच की बोतलों पर चित्रित आकार और समकालीन महिला रूप प्रदर्शित किये गये हैं। नारी उनकी कला में एक प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण विषय बन गई है, खासकर जब उन्होंने खुद को एक बोतल में फंसने की कल्पना की, और कई बाधाओं को तोड़ने की प्रक्रिया ने मानव रूप को एक कांच के रूप में विलीन कर दिया, जिसने उनकी पेंटिंग को प्रेरित किया। एक महिला के दैनिक संघर्ष का एक प्रशंसनीय चित्रण जो दर्शकों को बांधे रखता है। कला बनाने की उनकी पद्धति उनके दैनिक अवलोकनों और महिलाओं और उनकी सामाजिक स्थिति पर बौद्धिक प्रतिबिंबों से प्रेरणा लेती है।
चित्रों में विभिन्न रंगों से अलग अलग भाव दर्शाती आकृतियों को रंगों के सामंजस्य भाव प्रवणता से दर्शाया गया है। इस अवसर पर डॉ. गगन दाधीच ने कहा कि कला हर व्यक्ति के पास है केवल उसे अभिव्यक्त करने का माध्यम चित्र मूर्ति, संगीत आदि अलग हो सकता है। किरण सोनी गुप्ता ने कहा कि किसी भी चित्र के सृजन के पीछे कलाकार की सोच काम करती है जिसे परखना सहज नहीं है।
बागोर की हवेली कला वीथी में हर्षा लखानी के चित्रों की प्रदर्शनी
