उदयपुर, 19 अप्रेल। माकपा के 2 से 6 अप्रेल 2025 तक तमिलनाडु के मदुरई में चले 24वें राष्ट्रीय अधिवेशन में 75 वर्ष से ज्यादा आयु होने से पोलिट ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात, माणिक सरकार, वृन्दा करात, सुभाषनी अली जैसे कद्दावर नेताओं को पदमुक्त किया गया, जबकि ये सभी नेता अभी स्वस्थ एवं सक्रिय है। लेकिन नये नेताओं को राजनीति में जगह देने के लिए इस तरह के निर्णय कम्युनिस्ट ही ले सकते हैं। ये विचार माकपा के उदयपुर जिले के पर्यवेक्षक व राज्य सचिव मण्डल सदस्य दूलीचन्द मीणा ने माकपा की जिला कमेटी की आयोजित बैठक में व्यक्त किये।
उन्होंने पार्टी अधिवेशन में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि अधिवेशन में राजनैतिक, सांगठनिक और आंदोलनात्मक मुद्दो पर चर्चा की गई। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि माकपा का चुनावी ग्राफ देश में कमजोर हुआ है, लेकिन आज भी देश में जनता के हित की लड़ाई माकपा और वामपंथी दल लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि माकपा की राजनीति सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, माकपा की राजनीति का लक्ष्य आम इंसान के जीवन को बेहतर एवं सम्मानजनक बनाने का है।
मीणा ने बताया कि सम्मेलन में भाजपा-आरएसएस की जनविरोधी नीतियों के विरोध में और देश में लोकतंत्र को कमजोर कर तानाशाही फासीवादी ताकतों के विरोध में देशव्यापी संघर्ष चलाने का आव्हान किया गया। सम्मेलन में माकपा कार्यकर्ताओं को आम जनता से गहरे रिश्ते बनाने की अपील की गई। सम्मेलन में भाजपा की पूंजीवादी साम्प्रदायिक तानाशाही नीतियों के विकल्प में समाजवाद के नारे व व्यवस्था को आम जनता तक ले जाने की अपील की गई।
बैठक में माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने पिछले तीन महिनों में पार्टी व जनसंगठनों की गतिविधियों की रिपोर्ट रखी। बैठक में पार्टी सदस्यता नवीनीकरण की रिपोर्ट रख बताया कि माकपा में हर पार्टी सदस्य 01 जनवरी से 31 मार्च तक प्रतिवर्ष सदस्यता का नवीनीकरण करवाता है और जनसंघर्षो में शामिल होने वाले लोगों को पार्टी शामिल किया जाता है। उन्होंने बताया कि हर पार्टी सदस्य को पार्टी के अनुशासन व विचारो को मानने के साथ उन्हें किसी ना किसी जनसंगठन में काम करते हुए अपनी आय का एक हिस्सा पार्टी को देना होता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट होना ’एक विशेष ढांचे में निर्मित इंसान’ होता है, जिन्हें कोई लालच, अपनी जिम्मेदारियां एवं जनता के साथ प्रतिबद्धता से गुमराह नहीं कर सकता।
बैठक में वामपंथी, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष दलों की ओर से 01 मई को उदयपुर में आयोजित होने वाली रैली व धरने को सफल बनाने के लिए अपने प्रभाव के सभी मोहल्ले व गांवों में बैठके करने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता माकपा के वरिष्ठ नेता दलाराम लउर ने की। बैठक में जगदीश पारगी, प्रभूलाल भगोरा, गुमान सिंह राव, प्रेम पारगी, हीरालाल सालवी, बाबुलाल वडेरा, किशनलाल पारगी, लातुराम, शंकरलाल पारगी, रानी माली, गणपति देवी सालवी, मोहम्मद निजाम, श्रवण, मन्नालाल मनात ने भी अपने विचार रखे।
