जोधपुर । ‘डॉ रामप्रसाद दाधीच साहित्य सम्मान 2025 ‘ युवा कवयित्री कहानीकार डॉ ममता पानेरी को उनके कहानी संग्रह ‘वास्तव’ पर भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा ।आपको सम्मान राशि 11000 रुपए ,प्रशस्ति पत्र ,शॉल और श्रीफल प्रदान किया जाएगा । निर्णायक मण्डल में आलोचक डॉ कौशलनाथ उपाध्याय ,आलोचक डॉ मंजु चतुर्वेदी तथा कहानीकार हरिप्रकाश राठी थे ।
परिषद की महामंत्री डॉ पद्मजा शर्मा ने बताया कि युवा कवयित्री कहानीकार डॉ ममता पानेरी का यह प्रथम कहानी संग्रह है । इससे पूर्व आपका एक कविता संग्रह ‘कविता की अनुगूँज ‘,समकालीन हिन्दी एकांकियों में सामाजिक परिवर्तन तथा एक मोनोग्राफ नंदकिशोर आचार्य पर प्रकाशित हो चुके हैं ।’वास्तव’ कहानी संग्रह में दस कहानियाँ हैं ,जिनमें विविध विषय ,परिस्थितियाँ ,प्रसंग ,घटनाएं हैं जो समय समाज को एक सूत्र में बांधती हैं । ये कहानियाँ कथ्य की सादगी और नैतिकता के आग्रह के कारण याद रह जाती हैं । ममता पानेरी की कहानियों का मुख्य स्वर सुख दुख की साझेदारी का है । इससे भी बढ़कर दुख दूर कर सुख संतोष देने का है ।
आप माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय ,उदयपुर में अध्यापन करती हैं ।राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में आपके आलेख, कविता ,कहानी ,लघुकथाएं प्रकाशित होती रही हैं ।आप अनेक पुरस्कार और सम्मानों के सम्मानित हो चुकी हैं ।
2017 से प्रतिवर्ष निरतर ‘डॉ रामप्रसाद दाधीच साहित्य सम्मान’ युवा रचनाकारों को दिया जा रहा है । स्व डॉ रामप्रसाद दाधीच शहर के वरिष्ठ कवि ,भावानुवादक ,संपादक थे। आपने दर्जनों मौलिक काव्य कृतियों के साथ ही वेदों, पुराणों ,उपनिषदों के अनेक प्रसंगों को आधार बनाकर उनका काव्यान्तर किया था।
