मेवाड़ की योग को अपूर्व देन-डॉ. जुगनू

उदयपुर, 21 जून। मेवाड़ योगियों की धरती रहा है और यहां अष्टांग योग ही नहीं, हठयोग, मुद्रायोग आदि के साधक भी रहे हैं। हर अध्याय में योग की प्रतिष्ठा करने वाले गीता जैसे ग्रंथ की यदि यहां मेवाड़ी में टीका हुई तो चित्रांकन भी हुआ। इसी प्रकार गुरु गुमान सिंह और बावजी चतुर सिंह ने गीता और योग दर्शन की टीका ही नहीं, योग साधना कर मेवाड़ को तपोभूमि सिद्ध किया।
यहां गांव गांव सिद्धों, पाशुपत यतियों और नाथों का विचरण रहा जो योगी थे और उनके नाम टकरावट (झाड़ोल) से लेकर बिजोलिया तक के शिव मंदिरों पर अंकित मिलते हैं। अनेक धूनियों के आयस और साधकों को महाराणा प्रताप, अमरसिंह, जगतसिंह आदि ने भूमदान कर ताम्रपत्र दिए। मचिंद की धूनी, भमराज, विखरनी, विजोली, कनेरा धारेसर, रनिया छापर, भरख मगरा, खामली घाट, गोरख्या, आंजनिया जैसे साधना स्थल प्रसिद्ध हैं। यह बात साहित्यकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने भोइयो की पचौली में योग दिवस पर आयोजित एक योगाभ्यास शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि छः अंगों वाला योग जो वायु पुराण में वर्णित है, एकलिंग पुराण उसी पुराण से सम्बद्ध रहा जिसमें योग और योगियों की चर्चा है। प्रेक्षाध्यान जैसा नवीन योग मेवाड़ से चला तो गोगुंदा के मोडी गांव के महाराज के प्रशिष्य संत रामदेव ने योग को वर्तमान में लोकप्रियता दी।
शिक्षाविद् देशपाल सिंह शेखावत ने मेवाड़ की राजयोग परंपरा के अध्ययन को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया। योग प्रशिक्षक हरिसिंग राजावत, कमलेश शर्मा, उपेंद्र सिंह अधिकारी, सतीश मोड़ आदि ने भी विचार रखे। संचालन तरुण कुमार शर्मा ने किया।

योग दिवस मनाया
उदयपुर, 21 जून। आईसीआईसीआई आरसेटी द्वारा बुधवार को योग दिवस मनाया। इसके तहत संस्थान के आवासीय और ब्लॉक स्तरीय सैटेलाइट केन्द्रों के 186 प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। आवासीय केंद्र उदयपुर में योग और फिजियोथेरेपी में विशेषज्ञता रखने वाली डायनेमिक योग स्टूडियो, उदयपुर की टीम, ने योग दिवस के महत्व और हर दिन योग करने के लाभों पर चर्चा की। कार्यक्रम में डायनामिक योग स्टूडियो की तरफ से मीनल, प्राची एवं रचना का योगदान रहा। आरसेटी के अतिरिक्त निदेशक अमर दीक्षित ने योग को नियमित रूप से जीवन में अपनाने का सुझाव दिया। भीमा राम पटेल ने ध्यान क्रिया करवाई। आभार शरद माथुर ने व्यक्त किया।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना 2022
आज होगा एक दिवसीय जिला स्तरीय शिविर का आयोजन

उदयपुर, 21 जून। डॉ भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना 2022 अंतर्गत एक दिवसीय शिविर जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की अध्यक्षता में 22 जून को प्रातः 11ः00 बजे जिला परिषद सभागार में आयोजित होगा। शिविर में योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देष्य से राज्य के गैर-कृषि क्षेत्रों यथा विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार के लिए लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्गों को उद्योग, सेवा एवं व्यापारिक गतिविधियों से सम्बन्धित परियोजना की स्थापना, विस्तार, विविधिकरण, आधुनिकिकरण हेतु विभिन्न प्रकार की सहायता एवं सुविधाएं प्रदान कर ऋण उपलब्ध करवाना है।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक भगवानदास ने बताया कि इस योजना के तहत 25 लाख रुपए से कम के ऋण पर 9 प्रतिशत, 25 लाख से 5 करोड़ रूपए तक के ऋण पर 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए तक 6 प्रतिशत का ब्याज अनुदान देय है।

By Udaipurviews

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