उदयपुर, 23 दिसंबर। केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के निर्देशन में 19 से 25 दिसंबर तक मनाए जा रहे सुशासन सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में हुआ। कार्यशाला में जिला कलेक्टर ने जिले के विजन डॉक्यूमेंट का विमोचन करते हुए कहा कि विजन डॉक्यूमेंट केवल दस्तावेज न होकर जिले के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप अपनी-अपनी ठोस, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्य योजनाएं तैयार करें।
जिला कलेक्टर ने आगामी जनवरी माह में मुख्य सचिव के संभावित उदयपुर दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल और पीएम ग्रीवेंस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर मुख्य सचिव का विशेष फोकस रहेगा, ऐसे में सभी विभाग शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने 19 से 25 दिसंबर तक आयोजित हो रहे सुशासन सप्ताह के कैंपों में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाओं का त्वरित लाभ देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक आमजन को शिविरों से लाभान्वित किया जाए तथा मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए।
कार्यशाला के दौरान खेरवाड़ा में स्थापित प्रदेश के पहले ‘कंगारू मदर केयर लाउंज’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह लाउंज नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही जिला परिषद द्वारा संचालित ‘स्वच्छ ढाणी अभियान’ की प्रगति और उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी मॉडल बताया गया। कार्यशाला में एडीएम दीपेंद्र सिंह, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, एसडीएम गिर्वा अवुला साईकृष्ण सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सुशासन सप्ताह के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, विजन डॉक्यूमेंट का हुआ विमोचन
