स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका पर हुई चर्चा

उदयपुर, 13 मई। भारतीय संसदीय संस्थान-जनसंख्या एवं विकास नई दिल्ली द्वारा आयोजित स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका विषय पर एक कार्यशाला शनिवार को काया स्थित ग्रामीण प्रशिक्षण ग्राउण्ड में आयोजित हुई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता आईएपीपीडी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि देश की आजादी में और आजादी के बाद राष्ट्रहित में महिलाओं का विशेष स्थान रहा है। आज हमारे देश की राष्ट्रपति महिला है, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय का दायित्व भी महिला के हाथों में है और कई प्रमुख क्षेत्रों की कमान महिलाओं के हाथों में है, ये गौरव की बात है। ऐसे में हम सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को जागरूक करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करे और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा प्रदान करें। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने, बच्चों के स्वास्थ का विशेष ध्यान रखने और सतत विकास के लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने की बात कही
कार्यशाला के मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने पंचायत स्तर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण में अपनी विशिष्ठ भूमिका निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के कुशल प्रबंधन और उपलब्धिमूलक नवाचारों से ही ग्रामीण क्षेत्रों का विकास संभव हो सकता है। इसके लिए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आए उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि मेरी स्नातक स्तर तक की शिक्षा मेरी बेटियों द्वारा प्रोत्साहन करने से ही संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि महिला के सशक्त होने पर ही एक सभ्य और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। इस दौरान आईएपीपीडी के सचिव मनमोहन शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का संचालन शिल्पा पामेचा ने किया।

By Udaipurviews

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