बजट घोषणाओं हेतु भूमि चिह्नीकरण, आवंटन और मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार पर की चर्चा

उदयपुर 8 मार्च। जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बजट घोषणाओं में भूमि चिह्नीकरण, भूमि आवंटन तथा मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार को लेकर चर्चा की एवं दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक विभाग से उनके विभाग संबंधित बजट घोषणाओं को लेकर चर्चा की एवं भूमि चिह्नीकरण की स्थिति जानी। कलेक्टर ने कहा कि 15 मार्च तक मुख्यालय को हर हाल में इसकी सूचना भेजी जानी है, ऐसे में अधिकारी शीघ्र इस कार्य को पूरा करें। कलेक्टर ने भूमि चिह्नीकरण एवं आवंटन की प्रक्रिया समय से पूरी करने के लिए संबंधित क्षेत्र के उपखंड अधिकारी से समन्वय स्थापित करने एवं पत्रों के भरोसे न रहते हुए निरंतर संवाद करने के निर्देश दिए जिससे कि कार्य समय पर पूरे हो सके। कलेक्टर ने यह भी कहा कि हर विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी भूमियों को स्वयं भी देख लें एवं यह सुनिश्चित कर लें कि चयनित भूमि समुचित हो एवं भविष्य में वहाँ कार्य होने से अधिकाधिक लोग लाभान्वित हो।
सीएम-एक्सीलेंस अवार्ड के आवेदन आमंत्रित
जिला कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को सीएम एक्सीलेंस अवार्ड इन पब्लिक सर्विसेज़ की जानकारी दी और कहा कि जिन अधिकारियों ने अच्छे कार्य किए हैं वे इस अवार्ड के लिए अपनी प्रविष्टि जरूर प्रेषित करें। बैठक में सहायक निदेशक लोक सेवाएं दीपक मेहता ने बताया कि आवेदकों को अपने फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करने होंगे। इसके लिए सीएम अवार्ड पोर्टल पर जाकर मे फोटो या वीडियो अपना आवेदन जमा करवाना होगा। आवेदन जमा करने की प्रक्रिया बुधवार 8 मार्च से शुरू हो गई है एवं इसकी अंतिम तिथि 25 मार्च निर्धारित की गई है। 26 मार्च से 10 अप्रैल तक शॉर्टलिस्टिंग का कार्य होगा एवं 15 अप्रैल को अवार्ड फायनल कर दिए जाएंगे। अंत में 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के सुअवसर पर यह अवॉर्ड दिए जाएंगे।
गुड गवर्नेंस में उदाहरण पेश करने वाले होंगे सम्मानित
सहायक निदेशक लोक सेवाएं दीपक मेहता ने बताया कि फ्लैगशिप योजनाओं, नवाचारों एवं गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में कार्य कर रहे राजकीय अधिकारी, कर्मचारी, संस्थाएं तथा अन्य व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। इसमें कृषि कार्य, पंचायती राज, उद्योग विकास, नगरीय विकास, महिला सशक्तिकरण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक सेवाएं एवं अन्य कार्यक्रमों में कार्य करने वाले अधिकारी, संस्थाएं या व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। विजेताओं को 1 लाख रुपए तक का आईटी गैजेट, 25 लाख का इंसेंटिव एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिला कलेक्टर ने इच्छुक अधिकारियों को समय पर आवेदन ऑनलाइन जमा करने के निर्देश दिए हैं।

By Udaipurviews

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