उदयपुर। वासुपूज्य महाराज मंदिर, दादावाड़ी में विराजित चातुर्मासिक प्रवचन में साध्वीश्री कृतार्थ प्रभाश्री म.सा. ने धर्म सभा में कहा कि हमें चातुर्मास में धर्म पुष्टि से ही पुण्य बंध करना चाहिए जिसमें दृढ़ संकल्प,पूर्ण मनोबल की निरंतरता से जागरूक रहकर आगे बढ़ना चाहिए।पूर्व कर्मों से वर्तमान का समय पुण्यबंध से उत्तम चल रहा है किंतु आने वाला प्रारब्ध भी सुखद हो और जीवन का लक्ष्य पूर्ण होवे उसके लिए प्रयास रत रहना ही होगा।
ज्ञान वाटिका की अध्यक्षा वंदना गन्ना ने बताया कि आज कक्षा में नए बच्चे भी शामिल हुए और उन्हें उत्साहवर्धन करने के लिए पारितोषिक दिए गए। जैन संस्कार शिक्षा के लिए ऋतु जैन, माया सिरोया,अनीता सिरोया, सुषमा, संस्था सचिव दलपत दोशी, सुभाष महात्मा , गजेन्द्र चौधरी ,भद्रपाल , भंवर दोशी,कैलाश महात्मा आदि मौजूद रहे।
धर्म पृष्टि से ही पुण्य बंध करेंःसाध्वीकृतार्थश्री
