तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण सहित विभिन्न मांगों को राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल करवाने की मांग उठी

शिक्षक संघ राष्ट्रीय का दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन सम्पन्न

फतहनगर। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण सहित विभिन्न मांगों को राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल करवाने और शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन की मांग के साथ ही राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उदयपुर के दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ-विश्वविद्यालय प्रताप नगर,उदयपुर के सभागार मे आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्रसिंह झाला ने की। विशिष्ट अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ राजस्थान विद्यापीठ के सहायक कुलपति सुभाष बोहरा, दीपक शुक्ला,प्रदेश पर्यवेक्षक जयमाला पानेरी, जिला उपाध्यक्ष सुधीर शर्मा जिला संगठन मंत्री चंद्रशेखर परसाई थे। स्वागत उद्बोधन जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला ने एवं संचालन जिला मंत्री चंदनमल बागड़ी ने किया। सभी अतिथियों का जिला शाखा की ओर से स्वागत अभिनंदन किया गया। सम्मेलन के दूसरे दिन खुला मंच कार्यक्रम के तहत विजेश पालीवाल, राजवीर सिंह, कैलाशचंद्र जोशी, शंकरलाल जाट, चंदनमल बागड़ी,वगत लाल शर्मा,चंद्रशेखर चैधरी,भीमसिंह राव,सोहनलाल जाट,दुष्यंत कुमावत और ललित सोमानी ने विभिन्न समस्याओं को रखते हुए अपने अपने सुझाव दिए।

मुख्य अतिथि पुष्करणा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सम्मेलन में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि यही एक मात्र ऐसा शिक्षक संगठन है जिसके पास कार्यकर्ता, कार्यालय, कोष और राष्ट्रीय हित के कार्यक्रम है। जो मान्यता दिए जाने की योग्यता रखता है। जिसकी वेबसाइट भी बनी हुई है। उन्होंने दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों से शिक्षकों की तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, शिक्षक संगठनों को मान्यता देने, गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को पूर्णतया मुक्त करने की मांगो को अपने-अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की बात कही। पुष्करणा ने कहा कि वेतन विसंगतियों के कारण तृतीय श्रेणी से लेकर प्रधानाचार्य तक के पदों पर सेवारत शिक्षकों के सालाना 3 से 10 लाख रुपए तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शिक्षक को सिर्फ विद्यालय में आने और जाने के समय की चिंता किए बिना उस गांव की किसी भी सामाजिक बुराई का अंत कर, सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनते हुए सामाजिक समरसता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और इसमें सफलता तभी मिलेगी जब और इसकी शुरूआत शिक्षक स्वयं ,परिवार और पड़ोस से करेगा। पुष्करना ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सदस्यता ही संगठन का मूल आधार है , इस मामले में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय पूरे देश में प्रथम एवं राजस्थान में उदयपुर जिला प्रथम स्थान पर है जो कि हमारे लिए गर्व का विषय है। जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड, प्रदेश पर्यवेक्षक जयमाला पानेरी,राजस्थान विद्यापीठ के सहायक कुल सचिव सुभाष बोहरा ने भी संबोधित किया। अंत में अतिरिक्त जिला मंत्री हेमंत मेनारिया ने धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!