डूंगरपुर, 19 मार्च। राजस्थान संयुक्त मोर्चा संघर्ष समिति नर्सेज एसोसिएशन के जिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा की बजाय मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर चयन की मांग की। जिले के विभिन्न सरकारी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि कौशिक पंड्या ने बताया कि संविदा आधार पर एनएचएम, यूटीबी और प्लेसमेंट मोड से कार्यरत हजारों कर्मचारियों को पुनः परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कोविड सहायक कर्मचारियों को एक दिन के कार्य पर 15 दिन का बोनस अंक दिया गया, जबकि संविदा कर्मियों को मात्र 10 अंक मिले, जिससे कई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए। संघ ने सरकार से मांग की है कि नई भर्ती परीक्षा को निरस्त कर बोनस अंक और इंटरव्यू के आधार पर नियुक्ति की जाए। फिलहाल सरकार 4,000 नर्सिंगकर्मियों और 1,500 पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती कर रही है, जो आवश्यकतानुसार बहुत कम है। पदों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की गई।
रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव: मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात आई सामने
डूंगरपुर, 19 मार्च. जिले के सदर थाना क्षेत्र के पतलई गांव के पास रेल पटरी पर एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान रेलडा फला माथुग़ामडा खास निवासी 28 वर्षीय नरेश के रूप में हुई है। पिता गौतमलाल ने पुलिस को बताया कि नरेश मंगलवार दोपहर बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में पतलई के पास रेलवे ट्रैक पर उसका कटा हुआ शव मिला। माना जा रहा है कि उदयपुर-असारवा रूट पर चलने वाली ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
सदर थाना के एएसआई अरविंद कुमार ने बताया कि मृतक के पिता ने नरेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की जानकारी दी है। घटना के बाद जीआरपी और सदर थाना पुलिस ने शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेजा, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है
