संवाद सूत्र, उदयपुर: पॉक्सो मामले में बार—बार तलब किए जाने के बावजूद गवाही पर पेश नहीं होने पर अदालत ने थानाधिकारी हरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने को कहा है। चित्तौड़गढ़ स्थित पोक्सो अदालत—2 के न्यायाधीश अमित कुमार सहलोत ने आदेश दिया कि थानाधिकारी हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर 30 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाए।
बताया गया कि चित्तौड़गढ़ के पॉक्सो अदालत में विचाराधीन मामले में यह आदेश अदालत ने दिया है। जिसमें बताया कि कई बार तलब किए जाने के बावजूद थानाधिकारी अदालत में पेश नहीं हुए।
साढ़े तीन साल से अटका है केस
मिली जानकारी के मुताबिक 7 अक्टूबर 2020 को निम्बाहेड़ा कोतवाली में 17 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसमें चार जनों को नामजद किया गया था। इस मामले में कुल 13 गवाह में से 12 कोर्ट में पेश हो चुके थे किन्तु निम्बाहेड़ा कोतवाली के तत्कालीन थानाधिकारी हरेन्द्र सिंह बार—बार तलब किए जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए थे।
जबकि ये इस मामले के अनुसंधान अधिकारी थे।
कोर्ट ने DGP को सौंपी जिम्मेदारी
पॉक्सो कोर्ट-2 के पीठासीन अधिकारी अमित कुमार सहलोत ने डीजीपी को आदेश जारी किए हैं और तत्कालीन थानाधिकारी को गिरफ्तारी वारंट की पालना सुनिश्चित करते हुए 30 अप्रैल को कोर्ट में पेश कराएं। कोर्ट ने माना कि इस मामले में थानाधिकारी हरेंद्र सिंह की बार-बार जमानती व गिरफ्तारी वारंट के बावजूद कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इससे प्रतीत होता हैं कि गवाह ऐसा जानबूझकर न्यायालय की अवहेलना कर रहा है, जबकि मामला पॉक्सो एक्ट के होने से उच्च न्यायालय का भी शीघ्र निस्तारण के आदेश हैं। डीजीपी को जारी पत्र में कोर्ट ने कहा कि आप इस गवाह के मौजूदा पदस्थापना स्थल के जिला पुलिस अधीक्षक के मार्फत वारंट की पालना सुनिश्चित कराएं। इस मामले के जांच अधिकारी व मुख्य गवाह हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार करवाकर नियत पेशी 30 अप्रैल को उपस्थित कराना सुनिश्चित कराएं।
अदालत का राजस्थान के डीजीपी को आदेश, एसएचओ हरेंद्र सिंह का गिरफ्तार कर पेश करो
