निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान होने के प्रावधान में करें रियायत

उदयपुर। शहर के नगर निगम में राज्य सरकार की ओर से मनोनीत पार्षद विनोद जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नगर पलिका तथा पंचायत राज चुनावों में सदस्यों के निर्वाचन में दो से अधिक संतान होने के प्रावधान में रियायत देने की मांग की है।
पार्षद जैन ने मुख्यमंत्री गहलोत को उदयपुर प्रवास के दौरान बताया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 24 की उपधारा के तहत 27 नवंबर 1995 के बाद दो से अधिक संतान पैदा होने वाले व्यक्ति को निर्वाचन के लिए अपात्र किया है। इसी प्रकार राजस्थान पंचायत राज अधिनिमय 1994 की धारा 2(ठ) के तहत भी 27 नवंबर 1995 के बाद दो से अधिक संतान पैदा होने वाले व्यक्ति को निर्वाचन के लिए अपात्र किया है। उक्त दोनों ही प्रावधानों के लागू होने से 27 नवंबर 1995 के बाद जिनके तीसरी संतान उत्पन्न हई है वे स्थानीय निकाय के सदस्य बनने के लिए स्थायी रूप से अयोग्य हो गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने राजकीय कर्मचारियों को दो से अधिक संतान होने पर पदोन्नति रोकने की अवधि पांच साल से घटाकर दो साल कर प्रावधान में शिथिलता बरती है। पार्षद जैन ने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव में किसी व्यक्ति के 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर अयोग्यता के संबंध में प्रावधानों में कठोरता बरती जा रही है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने निर्वाचन के लिए अपात्र किए जाने के प्रावधान में शिथिलता बरतते हुए अयोग्य होने के पांच साल तक अपात्र किए जाने का संशोधन कराने की मांग की।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!