उदयपुर, 19 दिसंबर। जिला कलक्टर तारा चंद मीणा की अध्यक्षता में आयुर्वेद विभाग उदयपुर में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में नवाचार विषयक समीक्षात्मक बैठक सोमवार को एचसीएम रीपा उदयपुर में रखी गई। अतिरिक्त निदेशक विभाग डॉ प्रद्युम्न कुमार राजौरा एवं उप निदेशक डॉ पप्पू लाल मीणा द्वारा भगवान धन्वंतरी को दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया।
जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि जयपुर की तरह आयुष भवन उदयपुर संभाग में बनता है तो जिला प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा।उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का रुझान कोरोना महामारी के बाद बढ़ा है।
कलक्टर ने आयुर्वेद विभाग के अधीन शहर में नवीन भवन निर्माण, उपकरण खरीद के प्रस्ताव यूआईटी व नगर निगम उदयपुर से व ग्रामीण क्षेत्र के औषधालय के निर्माण एवं आवश्यकताआंे के प्रस्ताव जिला परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने राज्य सरकार की फ्लेगशिप चिरंजीवी योजना में अधिक से अधिक लोगों का पंजीयन कराने के निर्देश देते हुए वंचित लोगों को पंजीयन करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान रिक्त पदों को यूटीबी से भरने पर भी विचार विमर्श एवं चर्चा की गई। यूटीबी में प्राथमिक तौर पर 6 चिकित्सालय में चिरंजीवी योजना से लाभ देने का ज्ञापन सरकार को अग्रेषित करने की बात की गई। इसी प्रकार जयपुर आयुष भवन की तर्ज पर संभागीय मुख्यालय पर आयुष भवन बनाने का भी प्रस्ताव रखने का सुझाव दिया जिसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी चिकित्सा की सुविधाएं होंगी।
नवाचारों पर हुआ प्रस्तुतीकरण:
बैठक में आयुर्वेद विभाग उदयपुर के चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों और आयुष हेल्थ वैलनेस सेंटर की सुविधाओं एवं गतिविधियों के बारे में पीपीटी के माध्यम से बताया गया। डॉ शोभालाल औदीच्य द्वारा आयुर्वेद विभाग की गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी दी और राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार में निरन्तर चल रहे पंचकर्म, अग्निकर्म, स्वर्णप्राशन अभियान के बारे में बताया। आंचल प्रसूता केंद्र मावली में गर्भवती, धात्री एवं जीरो से 5 वर्ष के बच्चों की परिचर्या परामर्श बारे में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान राज्य सरकार की बजट घोषणा पर की चर्चा की गई और सभी चिकित्सालयों में आरोग्य समिति में संगठनात्मक विधान के बारे में बताया । इसके साथ ही विभाग की योजना में 10 दिन जनजाति क्षेत्र में निःशुल्क क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा शिविर और अर्श भगंदर परीकर्तिका के अंतरंग रोगी शिविर के बारे में बताया गया। डॉ. शोभालाल औदीच्य ने गायों में होने वाला लंपी स्किन डिजीज में आयुर्वेद विभाग के योगदान एवं सेवाओं औषधीय लड्डू जात्यादि तेल के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गिलोय औषधि वितरण के तहत 15 हजार पौधे आमजन को वितरित किए गए।
अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रद्युम्न राजौरा व उपनिदेशक डॉ. पप्पू लाल मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकर लाल बामणिया ने भी विचार व्यक्त किए।
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में नवाचार करें -कलेक्टर
