2022 से लंबित है परिवेदना :
ग्रामीणों ने बताया कि यह परिवेदना सितंबर 2022 से लंबित है, क्योंकि इस संबंध में 21 सितंबर 2022 को बागीदौरा उपखंड अधिकारी कार्यालय में ग्रामीणों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर तथा इसके बाद पुनः 27 मई 2023 को बड़ोदिया में आयोजित महंगाई राहत कैंप व प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में बागीदौरा उपखंड अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र दिया था। उस दौरान उपखंड अधिकारी द्वारा संबंधित पटवारी गिरदावर और तहसीलदार को जांच रिपोर्ट पेश करने और जल प्रवाह बाधित होने पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे तथापि आज दिनांक तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलक्टर को उक्त प्रकरण में की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी लेने और लापरवाह राजस्व कार्मिकों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए बागीदौरा उपखंड अधिकारी को कृषि भूमि पर किए गए व्यावसायिक निर्माण को ढहाने के साथ-साथ मुख्य मार्ग को भी अतिक्रमण मुक्त करवाते हुए क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने का आग्रह किया था।
हाथों-हाथ एसडीओ को निर्देश, दो घंटे बाद ही पहुंचे तहसीलदार
कलक्टर ने ग्रामीणां की परिवेदना को पूरी संवेदनशीलता के साथ तसल्ली से सुना और तथ्यात्मक जानकारी ली तथा हाथों-हाथ बागीदौरा उपखंड अधिकारी को इस प्रकरण में कार्यवाही कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। कलक्टर के निर्देशों के दो घंटे बाद ही बागीदौरा तहसीलदार मय गिरदावर व पटवारी मौके पर पहुंचे और इन्होंने मौका मुआयना करते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच व मोहल्लेवासियों की उपस्थिति में तथ्यात्मक जानकारी संकलित की। इस जानकारी में कृषि भूमि पर बिना स्वीकृति व भू रुपांतरण दुकानों का निर्माण करना तथा वर्षाजल प्रवाह बाधित करना पाया गया। तहसीलदार ने मौका पर्चा बनाने के साथ ग्राम पंचायत प्रशासन से भी रिपोर्ट ली और रिपोर्ट कार्यवाही के लिए उपखंड अधिकारी के माध्यम से जिला कलक्टर को प्रेषित की। इधर, जिला कलक्टर के निर्देशों पर बागीदौरा उपखंड प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के लिए ग्रामीणों ने कलक्टर शर्मा का आभार जताया है और इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद की है। इस मौके पर लीलाराम शर्मा, हीरालाल शर्मा, प्रवीण धुलजी सुथार, प्रवीण रुपजी सुथार, नारायण लाल, भूपेश सुथार, लोकेश, मनोहर, चंद्रमोहन व अन्य लोग मौजूद थे।
