उदयपुर, 21 जून। परिवहन विभाग की ओर से ई-ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से वाहनों के इच्छित पंजीयन क्रमांक की नई सीरीज के लिए आवेदन आमंत्रित किए गये है। जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा ने बताया कि इच्छित पंजीयन क्रमांक प्राप्त करने के लिए कोई भी वाहन स्वामी परिवहन सेवा के ई-ऑक्शन पोर्टल पर दुपहिया वाहन हेतु नई सीरीज में पंजीयन क्रमांक 0001 से 9999 तक आवेदन किया जा सकता है। गैर परिवहन दुपहिया के लिए नवीन सीरीज आरजे 27 ए क्यू व नवीन सीरीज आरजे 27 ए आर रखी गई है।
पुलिस अधिकारियों की रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला
बाल अधिकार संरक्षण हेतु संवेदनशीलता से कार्य करें पुलिस अधिकारी – महेन्द्र कुमार दवे
उदयपुर, 21 जून। जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग टू बिल्ड अवेयरनेस एंड ट्रस्ट कार्यक्रम अंतर्गत पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लांबा तथा पुलिस अधीक्षक भुवण भूषण यादव के मार्गदर्शन में रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन रिजर्व पुलिस लाईन सभागार में किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बाल संरक्षण विषय पर विशेष किशोर पुलिस इकाइयों व मानव तस्करी विरोधी प्रकेष्ठों के प्रभारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री महेन्द्र कुमार दवे द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 विषय पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान दवे ने किशोर न्याय अधिनियम में वर्ष 2022 में हुए संशोधनों पर जानकारी उपलब्ध कराते हुए बालकों के संविधान प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण के लिए संवेदनशीलता से कार्य करने के सुझाव दिए।
कार्यशाला के प्रारंभ में यूनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत द्वारा बालकों के साथ कार्य करते समय मनोसामाजिक व्यवहार तथा बाल मित्र व्यवहार के संदर्भ में जानकारी देते हुए रेंज पुलिस द्वारा बाल संरक्षण के लिए संचालित किए जा रहे कम्युनिटी पुलिसिंग टू बिल्ड अवेयरनेस एण्ड ट्रस्ट कार्यक्रम के बारे में बताया। कार्यशाला में सभी पुलिस अधिकारियों के लिए योग सत्र का आयोजन किया गया जिसमें योग प्रशिक्षक राजू सिंह एवं टीम द्वारा पुलिस अधिकारियों को योग एवं मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला के दौरान सभी जिलों के विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह, राजसमंद से परबत सिंह, प्रतापगढ़ के ऋषिकेश मीणा तथा चित्तौडगढ जिले की प्रभारी शाहना खानम द्वारा जिलों में बाल संरक्षण संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए समाधान संबंधित सुझाव प्राप्त किए।
कार्यशाला में लैंगिक अपराधों से बालकां का संरक्षण अधिनियम अंतर्गत विभिन्न अपराधों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देते हुए अधिनियम की अनुपालना के लिए सुझाव दिए। उन्होने लैगिक अपराधों की रोकथाम तथा अपराध की स्थिति में पुलिस अधिकारियों द्वारा अनुसंधान के समय रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत रूप से बताया। युनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार ने पुलिस थाना स्तर पर कार्यक्रम अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों तथा पुलिस थाना स्तर पर बाल मित्र पुलिस प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण दौरान पुलिस निरीक्षक गोविन्द सिंह, चित्तौडगढ़ के रूपसिंह, राजसमंद की टीना सोलंकी ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान सभी जिलों के मानव तस्करी विरोधी प्रकेष्ठ प्रभारी, रेंज के पुलिस थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी एवं कार्यक्रम टीम के आकाश उपाध्याय एवं भरत खोखर आदि उपस्थित थे।
