आयोग अध्यक्ष यादव ने प्रदेश में अनुजा वर्ग के कल्याण पर दिया जोर
उदयपुर 9 दिसंबर। राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग की बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष डॉ. शंकर यादव (राज्यमंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में नेहरू सहकार भवन में आयोजित हुई। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष अवधेश दिवाकर बैरवा, सदस्य मांगीलाल वर्मा, ओमप्रकाश जैदिया, महाप्रबंधक शीशराम चावला आदि अधिकारियों ने भाग लिया।
अध्यक्ष ने बजट एवं लक्ष्यों को बढ़ाने हेतु सभी जिलों में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न ऋण योजनाओं के माध्यम से जरूरत के आधार पर लक्ष्य आवंटित कर लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चौपहिया वाहन के साथ ही रिक्शा, ट्रैक्टर, लघु व कुटीर उद्योगों को बढावा देने के लिए भी अधिक से अधिक लोगों को ऋण सुविधाएं प्रदान करें और विभिन्न योजनाओं में महिलाओं-युवाओ की भागीदारी सुनिश्चित हो।
गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए बने विशेष पैकेज
डॉ. यादव ने बताया कि जनजाति क्षेत्र में अनुसूचित जाति के गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए एक विशेष पैकेज के रूप में योजना बनाएं। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पहाड़ी व ग्रामीण इलाकों में अनुजा निगम का ऑनलाइन पोर्टल नेटवर्क की वजह से कार्य नहीं करता है, वहां ऑफलाइन फार्म भरवाने का कार्य शुरू करें। निगम योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु गाँव स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाये।
नई योजनाएं शुरू हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े
उन्होंने नवीन योजनाएं शुरू करने पर जोर दिया और उदाहरण के तौर पर बताया कि जैसलमेर जिले में कैमल कार्ट योजना, यलो पत्थर की योजना, जोधपुर में हैण्डी क्राफ्ट योजना, भरतपुर क्षेत्र आचार-मुरब्बा, हाथ से बनाई का कार्य अभी भी चल रहा, उसको पुनर्जीवित करने के लिए बुनकरों हेतु विशेष योजनाएं संचालित की जाए तथा इसी प्रकार की विभिन्न जिलों में प्रचलित संसाधनों से विकसित की जाने वाली योजनाएं शुरू की जाए जिससे रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त हो। अध्यक्ष ने यह भी बात कही कि लाभार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजन हो, जिससे योजनाओं का बेहतर प्रचार-प्रसार हो सके। उन्होंने सभी परियोजना प्रबन्धकों को जिला स्तर पर हो रही कार्यवाही के बारे में अवगत कराने के निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि ऋण माफी के प्रस्ताव स्वीकृत किये जाए, ऋण वसूली हेतु ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा प्रारंभ की जाए जिससे आशार्थी के बैंक खाते से वसूली की जा सके। उन्होंने इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना में ऋण की राशि बढाने के निर्देश दिये। बैठक में अध्यक्ष ने विचार-विमर्श के दौरान ऑनलाइन फार्म भरने में आ रही समस्याओं के बारे में बताया और अनुजा निगम के महाप्रबंधक को सुझाव दिये कि जन आधार से डाटा फैच किया जाये एवं पोर्टल में योजना में परिवर्तन हेतु ऑप्शन चेंज नहीं होता है, इस स्थिति को सुधारें।
आयोग उपाध्यक्ष बैरवा ने बताया कि जिलों में वाहन हेतु ऋण एक या दो के लक्ष्य है, इनके स्थान पर ई-रिक्शा योजना से रोजगार अधिक से अधिक व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सके। इस पर अध्यक्ष ने निर्देश दिये कि कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसको लागू करवाया जा सकता है। अंत में सचिव चावला ने आभार जताया।
राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग की बैठक
