—माघ स्नान के दौरान बटुकों से दुर्व्यवहार का आरोप
—प्रशासनिक कार्रवाई पर संत समाज में तीव्र आक्रोश
उदयपुर, 24 जनवरी : तीर्थराज प्रयागराज में माघ स्नान के दौरान कथित रूप से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के अपमान और बटुक बालकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर संत समाज में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में श्री राज योगी मेवाड़ मठ के मठाधीश श्री श्री रोहित गोपाल सूत जी महाराज ने प्रशासन के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की है।
मठाधीश रोहित गोपाल महाराज ने कहा कि माघ स्नान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई में तपस्वी बटुक बालकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे सनातन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इसे न केवल संत समाज, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान बताया।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले में अपनी भूमिका की समीक्षा कर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो वे विरोध के अंतिम कदम के रूप में आत्मदाह जैसा कठोर निर्णय लेने को विवश होंगे। उनके इस बयान के बाद धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं में गहरी चिंता और चर्चा का माहौल बन गया है।
मठाधीश ने प्रशासन से संयम, संवेदनशीलता और संतों के सम्मान की मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।
