ओसवाल सभा में शाम तक भी उपलब्ध नहीं हो पायी मतदाता सूची
टीम संजय भण्डारी के प्रत्याशियों को धमका रहे प्रकाश कोठारी
टीम संजय भण्डारी के प्रत्याशियों को धमका रहे प्रकाश कोठारी
उदयपुर। ओसवाल सभा के आगामी चुनावों में मतदाता सूचियों में खामियों के कारण एवं निवर्तमान अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी व उनकी कार्यकारिणी द्वारा जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण और मतदाता सूची में अशुद्धियों एवं त्रुटियों को सुधारने के अल्प समय के कारण से चुनाव के लिए निर्धारित दिनांक तक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने में असमर्थता व्यक्त करते हुए चुनाव संयोजक श्री आनंदी लाल बम्बोरिया एवं प्रसन्न चन्द्र लसोड ने आज अपना इस्तीफा निवर्तमान अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी एवं उनकी कार्यपरिषद को अपना इस्तीफा सौप दिया| यह अपने आप में टीम-संजय भण्डारी द्वारा पिछले 10 दिनों से मतदाता सूची के पुनीरक्षण (SIR) कर चुनाव करवाने की मांग पर मुहर लगता हैं और ओसवाल सभा के आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लगाता हैं और ऐसा लगता हैं की श्री प्रकाश कोठारी अपनी जिद के कारण ओसवाल सभा के संविधान और सभा के चुनाव नियमो को टाक में रख कर असंवेधानिक रूप से चुनाव करने पर आमादा हैं|
आज सुबह ओसवाल सभा में समाज के प्रबुद्ध जनों की मीटिंग हुई, जिसमें भी सेकड़ो की संख्या में उपस्थित समाज जनों ने ओसवाल सभा के अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी द्वारा चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप पर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी| कुछ प्रत्याशियों ने यह भी बताया कि प्रकाश कोठारी उन्हें धमका रहें और फार्म भरने व चुनाव के बाद नतीजा भुगतने को तैयार रहने को कह रहे हैं| श्री प्रकाश कोठारी अपनी हार से डर कर रोज नए हथकण्डे अपना रहें हैं, अब तक वो 5 बार बदल बदल कर मतदाता सूची का प्रकाशित करवा चुके हैं, 3 बार चुनाव संयोजक बदल चुके हैं और 2 बार चुनाव अधिकारी बदल चुके हैं| उनके इस प्रकार से चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और उम्मीदवारों को धमकाने के कृत्य से समाज जनों में आक्रोश एवं भारी रोष व्याप्त हैं|
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय भण्डारी ने बताया कि प्रकाश कोठारी के तानाशाही, हठधर्मी और मनमाने रवैये के कारण ही समाज की यह दुर्दशा हुई हैं, समाज को दो भागों में बाँट दिया हैं| उन्होंने आज जो मतदाता सूची जारी की हैं वो भी चुनाव संयोजक टीम की सहमति के बिना जारी की हैं, उसमें पिछली जारी मतदाता सूची से मतदाताओं की संख्या भी बढ़ा दी गई हैं, कुछ सदस्यों के पते उदयपुर के बाहर के हैं, उम्र का उल्लेख नहीं किया गया हैं| ऐसा लगता हैं की प्रकाश कोठारी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव चाहते ही नहीं हैं, वो येन केन प्रकारेण चुनाव जीतना चाहते हैं|
आज की मीटिंग में नाना लाल वया, मनीष गलुण्डिया, निर्मल पोखरना, अनिल मेहता, सुधीर मेहता, राज कुमारी गन्ना, हेमन्त मेहता, अनिल जारोली इत्यादि ने अपने विचार रखें इसके साथ ही सतीश कच्छारा, सोनू नागोरी, भावना नागोरी, मनीष गन्ना, रेणु मेहता, संतोष मेहता, अनामिका चौधरी, नीतू कच्छारा, अरविन्द जारोली, अजय धींग, प्रशांत भंडारी, कमलेश वया, महेश कोठारी, मणि लाल भाणावत, कैलाश मुर्डिया, रवि प्रकाश देरासरिया, रमेश कोठारी, ललित भण्डारी, राकेश बया, कुलदीप मेहता, अंकुर मुर्डिया, चिराग मेहता, सौरभ मेहता, अनीता भाणावत, नवरतन कोठारी इत्यादि बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे
