उदयपुर 22 मार्च। लोकतंत्र रक्षा मंच की ओर से आपातकाल को हटाने, मूल अधिकारो की पुर्नस्थापना की 49वीं वर्षगांठ लोक तंत्र की पुर्नस्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी मदनलाल मुंदडा, विशेष अतिथि लोकतंत्र रक्षा मंच के प्रान्तीय मंत्री खूबीलाल जी सिंघवी थे जबकि अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने की। मुख्य वक्ता प्रान्तीय उपाध्यक्ष शोभागचन्द नाहर मीसाबंदी थे।
इस अवसर पर शांतिलाल चपलोत ने कहा कि आपातकाल में कांग्रेस के अत्याचार, मीडिया पर प्रतिबंध, आपातकाल की 25 जून, 1975 की रात को घोषणा एवं रात को ही देश के प्रतिष्ठि राजनैतिक कार्यकर्ताओ को उनके घरो पर दस्तक देकर मीसा के तहत गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया एवं 19 माह तक जेल के शिंकजो में बंद रखा गया। खूबीलाल सिंघवी ने आपातकाल में आर.एस.एस. के प्रचार को संघ के स्वयंसेवको की सक्रिय भागीदारी एवं उनके त्याग व बलिदानो के बारंे में चर्चा की। जेल में ही भारतीय दर्शन समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी आनन्द मार्ग एवं सर्वाेदय कार्यकर्ताओं को जेल में ही एकजुट कर आपातकाल हटाने हेतु आन्दोलन कर कांग्रेस को हटाने हेतु आव्हान किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष शोभागचन्द नाहर ने जेल में दी गई यातनाओ पर विचार रखते हुए कहा कि सभी राजनैतिक कैदियों को सी क्लास में जनरल कैदियों के साथ रखकर न खाने योग्य भोजन दिया। सत्याग्रहियों को खाने में ही बुरी तरह से मारा पीटा गया, करन्ट लगाया गया। अंगुलियो के नाखून उखाड दिये आदि बहुत सारे सत्याग्रहियांे की जेल में मृत्यु हो गयी एवं भयंकर बीमारियांे से पीडित हो गये। गिरफ्तारी के बाद किस जेल में कहां रखा गया ये भी गुप्त रखा गया। सत्याग्रहियों के व्यापार, नौकरी, पढाई सभी बर्बाद हो गये। अन्त में आर. एस. एस. के प्रचारको स्वयंसेवक बन्धुओ ने जेल भरो आन्दोलन करते हुए लाखो की तादाद में गिरफ्तारियां देकर सरकार को आपातकाल एवं संघ से प्रतिबन्ध हटाने के लिये बाध्य किया, जिससे आज हम खुले वातावरण में जीवन जी रहे है। आज वहीं 21 मार्च, 1977 की याद में यह विजय दिवस मना रहे है। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट ऋषभ जैन ने किया।
लोकतंत्र विजय दिवस की 49 वीं वर्षगांठ मनायी
