उदयपुर 17 अक्टूबर। आयुर्वेद विभाग की ओर से धन्वन्तरि जयंती आरोग्य सप्ताह के तहत निःशुल्क नीम गिलोय वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को जिला कलक्टर तारांचद मीणा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कलक्टर मीणा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विज्ञान है इसे आमजन को अपनाना चाहिए। उन्होंने आमजन से औषधीय पौधे लगाने एवं स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद में बताए गये नियमों व बातों का पालन करने की बात कही। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ.शोभालाल औदिच्य ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 11 हजार नीम गिलोय निःशुल्क वितरण का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. औदिच्य ने इस नीम गिलोय के महत्व व उपयोग के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ रमेश चंद बैरवा, सहायक निदेशक डॉ. राजीव भट्ट, कैलाश राजपुरोहित, चन्द्रप्रकाश सुराणा, गोपाल डांगी, उमेश श्रीमाली, प्रीति सुमेरिया राजेन्द्र जालोरा, शारदा जालोरा, अशोक जैन, जिग्नेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
लम्पी बीमारी पर नियंत्रण के लिए आयुर्वेद के प्रयास सराहनीय
कलक्टर मीणा ने कहा कि जिले में गोवंश को लम्पी जैसे गंभीर बीमारी से बचाने एवं इस पर नियंत्रण के लिए आयुर्वेद विभाग की टीम ने सराहनीय कार्य किया है। वर्तमान में सभी के प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में है। कलक्टर ने कहा कि आयुर्वेद विभाग की टीम एवं गोसेवकों की प्रतिबद्धता से पशुपालकों को राहत प्रदान की गई है। आयुर्वेदिक लड्डू, जात्यादि तेल एवं अन्य औषधियों का निर्माण कर गोवंश को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया है।
धन्वन्तरि जयंती आरोग्य सप्ताह का शुभारंभ-कलक्टर ने निः शुल्क नीम गिलोय का किया वितरण
