उदयपुर, 03 सितम्बर/ पॉलीथिन पर्यावरण का शत्रु, पशुओं के लिए अभिशाप, पशुओं के लिए घातक एवं पर्यावरण विनाशकारी है। यह संबोधन पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रम के विद्यार्थियों की संगोष्ठी में डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने दिया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में उपनिदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने कहा कि पशुओं में पॉलीथिन खाने में आ जाने से एवं उसका शरीर में पाचन नही होने से पशु को भयंकर आफरा हो जाता हैं एवं कई बार उसकी मृत्यु होने की संभावना रहती है। इसका उपचार केवल मात्र शल्य क्रिया द्वारा ही संभव है। अतः पशुपालकों को चाहिए कि वे न ही पॉलीथीन का उपयोग करें एवं पशु को खाने में आने से रोकें। डॉ. सुरेश शर्मा एवं डॉ. पद्मा मील ने भी विचार रखे।
पशुओं के लिए घातक साबित हो रहा है पॉलिथीन
