उदयपुर। समता मूर्ति साध्वी जयप्रभा की सुशिष्या साध्वी डा. संयमज्योति ने कहा कि विनय मुक्ति का सोपान है। अंग्रेजी कहावत है -कर्टसी ब्रिंग्स विक्टरी यानी विनय विजय दिलाता है परंतु विनय अन्तःकरण के भावों से होना चाहिये। धूर्त लोग भी झुकते है परंतु उनके झुकने में कपट होता है तभी कहा है कि ज्यादा झुकना ना दगेबाज की निशानी है। ऐसे धूर्तों से सावधान रहना चाहिए।
साध्वी ने कहा – विनय से आयु बल, बुद्धि और यश बढ़ता है। व्यक्ति का बौद्धिक, आध्यात्मिक और मानसिक विकास होता है।
साध्वी ने कहा- चरण स्पर्श और चरण वंदना सभ्यता और सदाचार के प्रतीक है। चरण स्पर्श से पॉज़िटिव वाइब्रेशन प्राप्त होती है। जिस घर में चरण स्पर्श की परम्परा है उस घर में कलह नहीं टिक सकता, वह घर स्वर्ग बन जाता है।
साध्वी ने कहा कि गुरु अपनी श्रुत सम्पदा और आचार सम्पदा विनयवान शिष्य को सौंपते हैं तो पिता अपनी विरासत विनयवान पुत्र को सौंपते है।
साध्वी संयम साक्षी ने ष्आलोचना ष्विषय पर प्रवचन देते हुए कटरा-मैन इज बंडल ऑफ मिस्टेक्स ष्मनुष्य गलतियो का पुलिंदा है। गलती करना उतना बडा पाप नही है जितना गलती को छिपाना। जो गुरु भगवंत से पापों का प्रायश्चित करता है, उसके पाप धुल जाते हैं परंतु ये काम विनयवान व्यक्ति ही कर सकता है
विनय विजय दिलाता है परंतु विनय अन्तःकरण के भावों से होना चाहियेःसंयम ज्योति
