उदयपुर, 19 जुलाई। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में मालदास स्ट्रीट आराधना भवन में वर्षावास कर रहे पन्यास प्रवर निरागरत्नविजय जी म.सा. ने शुक्रवार को धर्मसभा में कहा कि पुण्योदय के समय सम्पत्ति का सद्व्यय जो कराए वह सद्गुरू। सद्गुरू वह है जो हमारी शक्ति का सदुपयोग कराए। जीवों के पास अनेक प्रकार की सम्पत्तियां होती ही लेकिन सच्ची सम्पत्ति वही है जिससे स्व एवं पर का कल्याण होता है। धन-तन एवं बुद्धि की सम्पत्तियों को धर्म क्षेत्र में उपयोग में कराए वह हमारे सद्गुरू कहलाते हैं। सभी जीव ऐसे सद्गुरू का सानिध्य पाकर स्व-पर का कल्याण करे। चातुर्मास संयोजक रवि मुरड़िया ने बताया कि पंन्यास प्रवर की निश्रा में पंच परमेष्ठी तप को लेकर भारी उत्साह का माहौल बना हुआ है। शनिवार एवं रविवार को पंन्यास प्रवर के प्रवचन श्री पदमनाभ मंदिर चौगान मंदिर प्रांगण में होगा।
हमारी शक्ति का सदुपयोग कराए वह सद्गुरू: निरागरत्नविजय
