उदयपुर l राष्ट्र भारती एकेडमी,नेला रोड,सेक्टर 14 में संस्थापिका राजकुमारी जोशी की स्मृति में आयोजित समारोह में श्री पुष्कर दास जी महाराज ने नानी बाई का मायरा की कथा में दूसरे दिन कहा कि नरसी जी की भाभी ने नरसी जी को घर से बाहर निकाला दिया l घर से बाहर निकलने के बाद नरसी जी जूनागढ़ के शिव जी के मंदिर में पहुंचे और वहा जाकर शिवलिंग से लिपट कर बोले प्रभु में अब आपकी शरण में आया हु l नरसी की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव खुश हुए और वर मांगने के लिए कहा परंतु नरसी जी बोले आपको जो पसंद हो वह मुझे दो l भगवान शिव को अपने इष्ट कृष्ण का रास बहुत पसंद हे और वो नरसी को गौलोक में ले गए l गौलोक में भगवान कृष्ण ने नरसी को एक तंबूरा,एक करताल प्रदान करी l नरसी जी को भाई भाभी भजन करने के लिए मना करते हे लेकिन उन्होंने भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा lनरसी जी ने पत्नी को खूब ज्ञान का उपदेश दिया l ओर पत्नी मानिकगौरी ने घर का काम करके भी भजन में सहयोग किया l महाराज ने धर्मपत्नी की व्याख्या करते हुए कहा कि पति को धर्म की ओर प्रेरित करे वही धर्मपत्नी है l नरसी जी के परिवार वाले उन्हें नहीं समझ पाए l पर उन्हें समझने वाले भगवान द्वारकाधीश थे l नरसी जी ने भजन को ज्यादा महत्व दिया l नरसी जी को भाई भाभी भजन करने के लिए मना करते हे लेकिन उन्होंने भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा l कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने बताया कि नरसी जी के पास पत्नी का श्राद्ध करने के लिए रुपए नहीं थे तो चार यात्री द्वारिका से हुंडी लिखवाने नरसी जी के पास आते हे l यात्रियों के बहुत निवेदन पर मेहता जी हुंडी लिखते हे और वह हुंडी द्वारका में भगवान चुकाते है l
आज अतिथियों द्वारा महाराणा प्रताप कृषि व अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. उमाशंकर शर्मा, उदयपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गिरजाशंकर मेहता, गिर्वा के पूर्व प्रधान तख्तसिंह शक्तावत, सेवा भारती चिकित्सालय के प्रबंध निदेशक यशवंत पालीवाल, उद्योगपति सुधीर पोद्धार, पार्षद श्रीमती संतोष मेनारिया, कर्मचारी नेता भंवरसिंह राठौड़, समाजसेवी हीरालाल सोनी, हिम्मत लाल नागदा, परसराम जोशी, गोपीलाल जोशी, डा. बसन्त कश्यप, विष्णु भटनागर, नारायण मेघवाल व श्यामसुंदर लौहार ने दीप प्रज्जलन, पोथी पूजन, तुलसी जल सिंचन के साथ कथा का शुभारम्भ किया व कथाव्यास पुष्करदास महाराज का माल्यार्पण किया। संस्थापक धर्मनारायण जोशी व सचिव भंवरलाल शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। संयोजन अशोक बाबेल ने किया।
