उदयपुर, 31 मई। विश्व तम्बाकू दिवस के अवसर पर पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में ‘‘तम्बाकू का जहर जिंदगी पर कहर‘‘ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उप निदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने कहा कि तम्बाकू की खेती से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। साथ में मानव स्वास्थ्य के प्रति भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने तम्बाकू के दुष्प्रभाव बताते हुए आह्वान किया कि आज की युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने की जरूरत है। संस्थान के डॉ. पदमा मील और डॉ. सुरेश शर्मा ने तम्बाकू के उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी और इससे दूर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर पशुपालन डिप्लोमा के सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे तम्बाकू एवं तम्बाकू के उत्पाद से दूर रहेंगे एवं दूसरो को भी प्रेरित करेंगे।
तम्बाकू का जहर-जिंदगी पर कहर विषयक संगोष्ठी का आयोजन
