आचार्य महाश्रमण जन्म, पदाभिषेक दीक्षा कल्याणक महोत्सव
तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण जन्म दिवस, पदाभिषेक दिवस व दीक्षा कल्याण महोत्सव का आयोजन शहर के महाप्रज्ञ विहार में शासन श्री मुनि सुरेश कुमार के सान्निध्य में हुआ
नमस्कार महामंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए शासन श्री मुनि सुरेश कुमार ने कहा- आचार्य महाश्रमण महान शक्ति पुंज है, एसे विनम्र आचार्य जैन तेरापंथ धर्मसंघ का सौभाग्य है। समपर्ण ही प्रगति का मंत्र है। मुनि ने कहा- जो जादुई जीवन जीने में विश्वास रखते हैं उन्हे औरो के कल्याण के बारे में सोचना चाहिए, आचार्य महाश्रमण समता, क्षमता, और निष्काम ममता के महान सतराय है।
मुनि सम्बोध कुमार ‘मेघांश’ ने कहा- सदियों तक माटी तपस्या करती है तब कही जाकर आचार्य महाश्रमण जैसे महामहिम आचार्य इस धरा पर जन्म लेते है। महाश्रमण की सहजता प्रभावित करती है। हम और कुछ करे ना करें स्वयं को सहज बनाए तो महाश्रमण की सही अभ्यर्थना होगी।
मुनि सिद्धप्रज्ञ ने कहा-कितना जीने की अपेक्षा कैसे जीना यह महत्वपूर्ण है। आचार्य महाश्रमण का जीवन सर्वांगीण है उनके बारे में कुछ कहना सुरज को रोशनी दिखाने जैसा है।
बतौर मुख्य अतिथी गीतांजली चेयरमैन डॉ. जे. पी. अग्रवाल ने कहा- आचार्य महाश्रमण इसलिए महान है क्योंकि आपके पास जीवन का एक उद्देश्स है। मेरा सौभाग्य है कि आचार्य महाश्रमण के दीक्षा कल्याण महोत्सव पर मैं उपस्थित हो पाया है। स्वागत तेरापंथ सभा अध्यक्ष अर्जुन खोखावत मंच संचालन सभा मंत्री विनोद कच्छारा व आभार ज्ञापन टी.पी.एफ मंत्री राजेन्द्र चिंडालिया ने किया। कार्यक्रम में ते. यु.प अध्यक्ष विक्रम पगारिया, महिला मंडल अध्यक्षा सीमा बाबेल, जय जैन ने भावपुर्ण विचारों की अभिव्यक्ति दी। थली परिषद व डॉ. कृति विनय नाहटा, श्रीमती सपना बोलिया ने भावपुर्ण गीत की प्रस्तुति दी । गीतांजली में होगी जैन साधु-साधवियों की निःशुल्क सेवा
गीतांजली चेयरमैन जे. पी अग्रवाल ने जैन मुनि के कठोर जीवन क्रम के बीच चिकित्सा की आवश्यकत होने पर सभी जैन साधु -साधवियों की निशुल्क सेवा करने की घोषणा की। उन्होने कहा- मेरे अस्पताल का उद्देश्य इससे सार्थक होगा।
मीनाक्षी लुणिया की पुस्तक लिविंग विद् परपज का लोकापर्ण
श्रीमती मीनाक्षी लुणिया की द्वारा निराश नई पीढी में उलन मोटिवेशन पैदा करने वाली वाइट फेलकोन द्वारा प्रकाशित लिविंग विद परपज पुस्तक का समारोहपूर्वक शासन श्री मुनि
सुरेश कुमार के सान्निध्यं, व उपस्थित गणमान्य जन के बीच लोकापर्ण हुआ। लोकापर्ण की प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मीनाक्षी लुणिया ने पुस्तक के लाँच होने में मुनि सम्बोध कुमार ‘मेहमेश’ की प्रेरणा, अपने पति अरुण लुणिया के सहकार, व साक्षी जैन के श्रम को श्रेय दिया।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का संचालन करते हुए साक्षी जैन ने कहा- यह तीन सौ पेज की पुस्तक तीसरी पीढी का मार्गदशर्न करेगी। अंत में मीनाक्षी लुणिया ने अतिथीयों को अपनी नव्य प्रकाशित पुस्तक भेंट की।
