डॉ. अतुल लुहाड़िया जालंधर में आयोजित छठी राष्ट्रीय थोरेसिक एंडोस्कोपी सोसाइटी सम्मेलन में बने विशिष्ट वक्ता

उदयपुर। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के चेस्ट एवं टी.बी विशेषज्ञ डॉ अतुल लुहाड़िया को जालंधर, पंजाब में आयोजित एसोसिएशन ऑफ थोरेसिक फिजिशियन एवं सर्जन सोसायटी राष्ट्रीय सम्मेलन “टेस्कॉन” में उदयपुर से विशिष्ट वक्ता के रूप में चुना गया| सम्मेलन में डॉ लुहाड़िया ने फेफड़ों की दूरबीन (ब्रोंकोस्कोपी) जांच द्वारा बलगम खांसी में खून आने पर निदान एवं उपचार के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अगर रोगी के खांसी में खून आता है तो यह एक गंभीर लक्षण होता है, कई बार फेफड़ों से ज्यादा खून आने पर मरीज गंभीर हो सकता है एवं जान को खतरा भी हो सकता है| अतः ऐसे लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक से मिलकर इसका निदान एवं उपचार करवाना चाहिए| ऐसे गंभीर लक्षण का दूरबीन (ब्रोंकोस्कोपी) एवं ब्रोन्कियल आर्टरी एम्बोलाईज़ेशन तकनीक द्वारा निदान एवं उपचार गीतांजली हॉस्पिटल में उपलब्ध है|

By Udaipurviews

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