अच्छे शोधपत्र लिखने की ट्रेनिंग देने के लिए आवश्यक है वर्कशॉप: प्रो सारंगदेवोत
उदयपुर 3 जनवरी / भारतीय लेखा परिषद उदयपुर शाखा एवं जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 27-28 फरवरी 2023 को लेखांकन और कराधान में समकालीन विषयों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा जाएगा। इस कांफ्रेंस की क्वालिटी बनाएं रखने के लिए शोधार्थियों के सहायतार्थ कांफ्रेंस की थीम समझाने के लिए प्री कांफ्रेंस वर्कशॉप का उद्घाटन कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज के सेमिनार हॉल में किया गया। उदघाटन समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति तथा भारतीय लेखा परिषद के उदयपुर ब्रांच के अध्यक्ष प्रो एस एस सारंगदेवोत ने बताया कि शोधार्थियों के लिए यह वर्कशॉप कांफ्रेंस की थीम को समझने का यह अनूठा अवसर है । बिना थीम को समझे एक अच्छा रिसर्च पेपर नही लिखा जा सकता।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाणिज्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. पी.के. सिंह ने शोध को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने पर बल दिया तथा विभिन्न शोध के विषय सुझाये। वर्कशॉप के निदेशक एवम उदयपुर ब्रांच के सचिव प्रो शूरवीर सिंह भाणावत ने बताया कि हम शोधार्थी से एक अच्छे शोध की अपेक्षा तो करते है किंतु उसकी हम ट्रेनिंग नही देते। यह प्री कॉन्फ्रेंस वर्कशाप इस कमी को दूर करेगा।आयोजन सचिव लेखा एवम व्यावसायिक सांख्यिकी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शिल्पा लोढ़ा ने बताया कि इसमें भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, राजस्थान विद्यापीठ, वीबीआरआई तथा देश के कई विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबर्स तथा रिसर्च स्कॉलर ने ऑनलाइन भाग लिया। यह वर्कशॉप अपने आप में एक अनूठा प्रयास है जिसमें मुख्य कॉन्फ्रेंस की थीम को विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा समझाया गया। । धन्यवाद ज्ञापन प्रो के के दवे द्वारा दिया गया। उद्घाटन सत्र के पश्चात नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग मेघालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो के.सी काबरा ने लेखांकन शिक्षा एवं शोध विषय पर, पेसिफिक विश्विद्यालय के कुलपति प्रो के. के. दवे ने टेक्नोलॉजी 4.0 तथा लेखांकन, प्रो जी सोरल ने निगम क्षेत्र में स्वैच्छिक प्रकटीकरण तथा प्रो शूरवीर सिंह भाणावत ने कर अपवंचन, कर नियोजन तथा संबंधित मुद्दों पर शोधार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया तथा संभावित शोध विषय बताएं।
