जैन आचार्य देवेन्द्र मुनि बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे – चुन्नीलाल गरासिया

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। देवेन्द्रधाम स्थित महावीर समवशरण में धनतेरस के दिन उदयपुर में जन्मे आचार्य देवेन्द्र मुनि की जयन्ती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सभा स्थल पर तारक गुरु मुख्यालय व देवेन्द्रधाम परिवार द्वारा सामूहिक जाप का आयोजन किया गया।
नियमित प्रवचन माला में उत्तराध्ययन सूत्र स्वाध्याय पर विचार रखते हुए डॉ. राजेन्द्र मुनि ने भगवान महावीर की सत्य शिक्षा,अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवाद, जप-तप, शाकाहार और सेवा के गुणों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने गुरु देवेन्द्राचार्य के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उदयपुर के वरडिया परिवार में जन्मे बालक ने मात्र 8 वर्ष की अल्पायु में अपने गुरु उपाध्याय पुष्कर जी के सान्निध्य में संयम ग्रहण किया था। वर्षों तक विभिन्न भाषाओं, साहित्य व आगमों का गहन अध्ययन कर उन्होंने लगभग 400 ग्रंथों का लेखन व संपादन किया। काव्य, कहानी, उपन्यास, आगम और तीर्थंकर चरित्रों का सृजन कर उन्होंने हिन्दी साहित्य एवं भारती भंडार की अभिवृद्धि की तथा श्रमण संघ का सूझबूझ के साथ कुशल संचालन किया।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने आचार्य श्री को वंदन करते हुए उन्हें बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया। वहीं, पूर्व महापौर रजनी डांगी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए देवेन्द्रधाम द्वारा संचालित सेवा कार्यों का उल्लेख किया।
आयोजन को प्रकाश वरडिया परिवार द्वारा सफल बनाकर गौतम प्रसादी का लाभ लिया गया, वहीं अशोक-भारती कर्णपुरिया परिवार की ओर से सामूहिक प्रभावना वितरित कर वन्दना की गई।
कार्यक्रम में श्रावक संघ के अध्यक्ष वकील रोशनलाल जैन एवं महामंत्री हिम्मत बड़ाला सहित अन्य पदाधिकारी ने आभार व्यक्त कर सभी का स्वागत किया। अंत में उपाध्याय रमेश मुनि एवं दीपेश मुनि ने मंगल भाव व्यक्त किए।

By Udaipurviews

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