उदयपुर। बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) द्वारा शहर के उद्यमियों को एक-दूसरे के कार्यस्थल और कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के उद्देश्य से ‘वर्कप्लेस विजिट’ श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस दौरान बीसीआई युवा ने डिजिटल नवाचारों को समझा, वहीं अल्फा चैप्टर ने व्यवसाय में ईमानदारी और शुद्धता के महत्व को जाना।
बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने कहा कि इन विजिट्स का मुख्य उद्देश्य सदस्यों को एक-दूसरे के बिजनेस मॉडल को गहराई से समझाने का मौका देना है। अल्फा चैप्टर के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह करीर ने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए आपसी विश्वास और मजबूत तालमेल अनिवार्य है।
40 साल का अनुभव और ‘नो फ्रोजन’ का सिद्धांत-बीसीआई अल्फा चैप्टर की विजिट आयड़ स्थित ‘पुरोहित कैफे’ में आयोजित की गई। यहाँ कैफे के ओनर पुष्कर पुरोहित ने अपने 40 वर्षों के प्रेरणादायक सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता ने मात्र 200 स्क्वायर फीट के छोटे से कमरे से इस प्रतिष्ठान की नींव रखी थी, जो आज अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
पुष्कर पुरोहित ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यवसाय में ‘शुद्धता और ईमानदारी’ ही सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अपने ‘नो फ्रोजन’ सिद्धांत पर जोर देते हुए बताया कि वे आज के दौर में भी किसी भी फ्रोजन आइटम का उपयोग नहीं करते हैं। ग्राहकों को हर सामग्री ताज़ा, मिलावट रहित और घरेलू स्वाद के साथ परोसी जाती है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि कैसे लागत और समय बचाने की होड़ में भी उन्होंने अपनी गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया, यही कारण है कि दशकों बाद भी ग्राहकों का भरोसा उनके साथ बना हुआ है।
एक्टिविटी के जरिए समझी डिजिटल और इंश्योरेंस की बारीकियां-बीसीआई युवा की वर्कप्लेस विजिट शास्त्री सर्कल स्थित सचिव शिवम लोढ़ा के संस्थान ‘उदयपुरआइटर्स’ पर आयोजित हुई। यहाँ डिजिटल मार्केटिंग और इंश्योरेंस जैसे विषयों को दो विशेष क्रिएटिव एक्टिविटीज़ के माध्यम से समझाया गया। शिवम लोढ़ा ने बताया कि कैसे उनका संस्थान ऐसी नई और आधुनिक सर्विसेज उदयपुर में लेकर आ रहा है, जो वर्तमान में शहर में कोई और प्रदान नहीं कर रहा है। बीसीआई युवा के अध्यक्ष दिग्विजय राजक और ट्रेजरर भाविका राजक ने बताया कि इस प्रकार के नवाचारों से युवा उद्यमियों को अपनी कार्यशैली विकसित करने की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर मुकेश माधवानी, देवेन्द्र सिंह करीर, डॉ. अमृता बोकाड़िया, जीवन सिंह सोलंकी, रीना गोस्वामी, रतन सिंह सोलंकी, दिलीप बलचंदानी, राधिका सोमानी, अरुण चौबीसा, लोकेश जोशी, पीयूष कोठारी, दिग्विजय राजक, धर्मवीर देवल, आर्यन विजयवर्गीय, भरत पुरस्वानी, प्रांशु दीक्षित, प्रिया शर्मा, गणपत साल्वी, धीरज वैदिक और कैलाश माहेश्वरी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
