भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की कन्या इकाई में साहित्यिक सप्ताह आयोजित
उदयपुर, 20 सितंबर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की कन्या इकाई में आयोजित साहित्यिक सप्ताह में अधिष्ठाता डॉ.देवेन्द्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि साहित्यकारों ने साहित्य का सर्जन कर उसे सामाजिक सरोकारों से जोड़कर उसे समाज सापेक्ष बनाया है। आज हमारे जीवन में साहित्य के महत्व को हम अस्वीकार नहीं कर सकते। साहित्य सामाजिक सरोकारों से जुड़कर समाज का पथप्रदर्शन करता है।
हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. हुसैनी बोहरा ने कहा कि साहित्यिक सप्ताह के तहत कविता लेखन, निबंध लेखन, नारा लेखन प्रतियोगिताओं के साथ आशुभाषण व कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने सामयिक विषयों जैसे पर्यावरण, प्रदूषण, पॉलिथिन का बढ़ता प्रयोग, राष्ट्र और युवा, विज्ञान का महत्व आदि विषयों पर आशुभाषण प्रस्तुत किया और कविता पाठ के अन्तर्गत राष्ट्रीय भावों से युक्त कविताओं के पाठन के साथ ही नारी, औरत, आदि सामयिक विषयों पर आधारित कविताओं का पाठ किया। डॉ. कीर्ति चुण्डावत ने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में नन्द किशोर शर्मा, उर्मिला पुरोहित, गजलकार प्रांजल जोशी उपस्थित थे। छात्रा कल्याण अधिष्ठाता डॉ. माधवी राठौड ने आभार जताया।
साहित्य सामाजिक सरोकारों से जुड़कर समाज का पथप्रदर्शन करता है-डॉ. सिसोदिया
