नियमित रूप से हों मत्स्य पालन के ठेके-कलेक्टर
उदयपुर 15 नवंबर। जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने मंगलवार को मत्स्य पालक विकास अभिकरण की प्रबंध समिति की बैठक लेकर समीक्षा की। कलेक्टर ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को गत पाँच वर्षों का डेटा संधारित करने के निर्देश दिए और पूछा कि गत पाँच वर्षों में तालाब के ठेके किस रेट पर गए ? कलेक्टर ने पंचायतों में ठेके नियमित रूप से करने के निर्देश दिए जिससे कि कृषकों को नियमित रूप से आय हो सके। कलेक्टर ने राज्य सरकार द्वारा कृषि विभाग की 20 लाख रुपए की अनुदान योजना से भी अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने हेतु कहा।
विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें
बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘ग’ एवं ‘घ’ श्रेणी के जलाशयों में मत्स्य पालन रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कोटड़ा क्षेत्र के गोगरुड ग्राम में 50 मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा निजी जमीनों पर मछली पालन, तालाब निर्माण, मत्स्य उत्पादन, हैचरी निर्माण हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कलेक्टर ने बैठक में वर्ष 2022-23 में मत्स्य विकास कार्यक्रमों के लक्ष्य एवं प्रगति की समीक्षा की।
174 जलाशयों में 58 को ठेके पर दिए
कलेक्टर को विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले के कुल 174 जलाशयों में 58 को ठेके पर दिए गया एवं 116 शेष रहे जिससे कुल 6 लाख 74 हजार 133 रुपए की आय हो सकी। इसके अलावा कलेक्टर ने मत्स्य उत्पादन, मत्स्य बीज उत्पादन एवं संग्रहण, मत्स्य कृषक दुर्घटना बीमा, रोजगार मत्स्य कृषक, आदर्श मछुआरा आवास योजना की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने आदर्श मछुआरा ग्राम विकास योजना एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की भी समीक्षा की।
जगत के कालू सिंह ने बनाया मॉडल तालाब
बैठक में आए सदस्य जगत ग्राम निवासी कालू सिंह देवड़ा ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर एक मॉडल तालाब विकसित किया है। साथ ही यहाँ करीब 5000 पौधों का रोपण किया है। इस पर कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि वे एक दिन जरूर जगत आकर उनके द्वारा किए गए कार्यों का अवलोकन करेंगे।
मत्स्य पालक विकास अभिकरण की प्रबंध समिति की बैठक
