उदयपुर, 11 अक्टूबर। जिले में लंपी वायरस महामारी को देखते हुए जिला कलक्टर ताराचंद मीणा के मार्गदर्शन में गोवंश रक्षा हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर विकास प्रन्यास, नगर निगम के साथ ही राजस्थान गौ सेवा समिति के कैलाश राजपुरोहित, चंद्रप्रकाश सुराणा के सहयोग से आयुर्वेद विभाग उदयपुर के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी वैद्य शोभालाल औदीच्य के निर्देशन में निशुल्क जात्यादि तेल का निर्माण राजकीय आयुर्वेद रसायन शाला में करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जात्यादि तेल विशेष रूप से लम्पी वायरस से होने वाले त्वचा संक्रमण के बाद त्वचा को बचाने के लिए गायों के लिए उपयोग किया जाएगा। 24 घंटे गायों में सकारात्मक परिणाम पाए गए हैं। जात्यादि तेल 17 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनाया गया है। इस तेल में चमेली पत्र, नीम पत्र, पटोल पत्र, करंज पत्र, मोम, मुलेठी, कुठ हरिद्रा, दारू हरिद्रा, कुटकी, मंजीठ, पदमाख, लोद्र हरड़ कमल केसर शुद्ध तुथ्य, अनंतमूल, करंज बीज, तिल्ली का तेल, जल आदि के मिश्रण से विधि पूर्वक बनाया जाता है।
उदयपुर में गोवंश रक्षा हेतु निशुल्क आयुर्वेदिक तेल का निर्माण
