उदयपुर 20 नवंबर। 19 नवम्बर से 25 नवम्बर की अवधि में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले विरासत सप्ताह के दूसरे दिन शुक्रवार को भारतीय सांस्कृतिक निधि-इंटेक के उदयपुर स्कंध के आजीवन सदस्यों ने विख्यात सज्जनगढ़ मानसून पैलेस का भ्रमण किया जिसमें बी पी भटनागर, राहुल भटनागर, विनोद अग्रवाल, सतीश श्रीमाली, सुनील वशिष्ठ,संजीव भारद्वाज,सुधीर भटनागर, मनीता भटनागर, नीलकमल एवं ललित पांडेय आदि ने सहभागिता की।
भटनागर ने कार्य योजना का दिया विवरण
अवलोकन के दौरान रिटायर्ड सीसीएफ राहुल भटनागर ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना का विवरण दिया तथा कहा कि यह निश्चित रूप से राजस्थान की विपुल पुरातात्विक एवं प्रकृति प्रदत्त विरासत के संरक्षण के सहयोग में किए गए कार्यों से सुखद भविष्य का आश्वासन प्रदान करता है। ललित पांडेय संयोजक उदयपुर चेप्टर ने बताया कि इस संपूर्ण अवलोकन के दौरान वन विभाग के फोरेस्टर मोहन लखनीवाल का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा।
महाराणा सज्जन सिंह द्वारा किया गया था निर्माण
इस सुविख्यात गढ़ का निर्माण आज से लगभग एक सौ पचास वर्ष पूर्व मेवाड़ के सूर्यवंशी महाराणा सज्जन सिंह द्वारा किया गया था जिसका निर्माण उनके गहन वास्तु के ज्ञान व तत्कालीन तकनीक सर्वोत्तम उदाहरण है, इसका निर्माण महाराणा की प्रकृति के प्रति लगाव की भी एक मिसाल है। वर्तमान में राजस्थान के वन विभाग तथा राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा इसके संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किया जा रहा है जिससे गढ़ का सौंदर्य अत्यधिक बढ़ गया है और वन विभाग द्वारा किए गए वन संरक्षण के प्रयास भी प्रशंसनीय है।
इस सुविख्यात गढ़ का निर्माण आज से लगभग एक सौ पचास वर्ष पूर्व मेवाड़ के सूर्यवंशी महाराणा सज्जन सिंह द्वारा किया गया था जिसका निर्माण उनके गहन वास्तु के ज्ञान व तत्कालीन तकनीक सर्वोत्तम उदाहरण है, इसका निर्माण महाराणा की प्रकृति के प्रति लगाव की भी एक मिसाल है। वर्तमान में राजस्थान के वन विभाग तथा राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा इसके संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किया जा रहा है जिससे गढ़ का सौंदर्य अत्यधिक बढ़ गया है और वन विभाग द्वारा किए गए वन संरक्षण के प्रयास भी प्रशंसनीय है।
