स्कील के बिना शिक्षा अधूरी – प्रो. सारंगदेवोत

नवप्रवेशित छात्राध्यापकों का दीक्षारंभ समारोह

उदयपुर 01 अक्टुबर / जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के बीए बीएड, बीएससी बीएड, बीएड बाल विकास के नवप्रवेशित छात्राध्यापकों के लिए आयोजित दीक्षारंभ समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवेात, प्राचार्य प्रो. सरेाज गर्ग, डॉ. अमी राठौड़, डा. बलिदान जैन, डॉ. सुनिता मुर्डिया, सुभाष बोहरा ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। समारोह में संस्थान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यकर्ता प्रेम सिंह राव का माला, उपरणा, साफा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
अध्यक्षता करते हुए प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि राष्ट्र निर्माण का जिम्मा शिक्षकों पर है। शिक्षक ही विधार्थी को संवारने कार्य करता है, वह जैसा चाहे वह उसे गढ सकता है। उन्होने कहा कि स्कील के बिना शिक्षा अधूरी है इसलिए जीवन मेें किसी एक क्षेत्र में अपनी पहचान अवश्य ही बनाये और अपने जीवन मूल्यों से कभी समझौता नहीं करे। सफलता के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है। हमारा विनाश, निर्माण हमारे हाथों में है। दीक्षारंभ उद्देश्य नये विद्यार्थियों को किस प्रकार अपने कार्य क्षेत्र मे आगे बढ़ना है , महाविद्यालय की फेकल्टी, संस्थान द्वारा किये जाने वाले  कार्यो,  विश्वविद्यालय द्वारा कौन कौन से पाठ्यक्रम संचालित किए जाते है, से रूबरू कराना है। उन्होने कहा कि  किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाए। जीवन में किसी कि बराबरी किए बिना आगे बढेगे तो कभी असफल नहीं होगे।
संचालन डॉ. प्रमीला पुर्बिया ने किया जबकि आभार डॉ. अमी राठौड़ ने दिया। समारोह में डॉ. अनिता कोठारी, डॉ. अमित दवे, डॉ. रोहित कुमावत, डॉ. नीतू  दाधीच, डॉ.  हिम्मत सिंह, डॉ. सुभाष पुरोहित, डॉ. हेमलता जैन, डॉ. इंदू आचार्य, डॉ. ममता कुमावत सहित विधार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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