डॉ. राजशेखर व्यास स्मृति ग्रंथ का हुआ विमोचन, परम्परा एवं विरासत के अग्रदूत थे डॉ. व्यास – उमाकांत
उदयपुर 17 अक्टुबर/ पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी, साहित्यकार, लेखक, ग्रंथाकार, सितारवाद डॉ. राजशेखर व्यास की स्मृति में जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संघटक साहित्य संस्थान की ओर से प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय के सभागार में मुख्य अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय ध्रुपद गायक एवं पद्मश्री से सम्मानित उमाकांत गुन्देचा भोपाल, अध्यक्षत कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत अतिविशिष्ठ अतिथि एमपीयूटी के पूर्व कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा, विशिष्ठ अतिथि प्रसिद्ध गजल गायक डॉ. प्रेम भण्डारी, निदेशक प्रो. जीवन सिंह खकरवाल, राजेन्द्र शेखर व्यास, सोम शेखर व्यास, डॉ. कुल शेखर व्यास, ने किया। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती की तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुख्य अतिथि पद्श्री से सम्मानित उमाकांत ने कहा कि डॉ. व्यास मेवाड़ की परम्परा एवं विरासत के अग्रदूत थे जिसकी झलके उनमें व उनके परिवार में देखने को मिलती थी। डॉ. व्यास रूद्रवीणा के सफल साधक के रूप में उनकी ख्याति देश ही नहीं विदेशों में भी थी, रूद्रवीणा के माध्यम से कई शिष्यों को माध्यम से इसें जिंदा रखा। डॉ. व्यास के पास हर प्रश्न का सशक्त तर्क के साथ जवाब होता था। उनका संगीत के सैद्वांतिक एवं प्रायोगिक पक्ष पर पूरा अधिकार था।
अध्यक्षता करते हुए प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि डॉ. व्यास बहुमूखी प्रतिभा के धनी थे। अपनी विशिष्ट प्रतिभा के दम पर समाज में अपना एक विशेष स्थान कायम किया, उन्होने इतिहास, पुरातत्व, संगीत, अध्यात्म, साहित्य, संस्कृति, परम्परा, दर्शन, वेद-विज्ञान, वास्तु शास्त्र, शिक्षा के साथ साथ खेल में भी अपना प्रभुत्व स्थापित किया। अपनी विशिष्ट लेखन क्षमता के आधार पर 30 पुस्तकों का सम्पादन किया। इनके द्वारा सम्पादित पुस्तक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर के इतिहास विषय के पाठ्यक्रम में सम्मिलित हुई है। उनका विश्वविद्यालय के प्रति गहरा लगाव था, विश्वविद्यालय के नवाचारों में उनका विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर डॉ. मनीष श्रीमाली, कमला शर्मा, कन्हैयालाल मेहता, वैद्य निर्भयशंकर दीक्षित, डॉ. शंभुशंकर पण्ड्या, जगत शिरोमणी दीक्षित, नारायण चरण पण्ड्या, पुनीत जोशी, प्रदीप द्विवेदी, चिंमय दीक्षित, दीपक दीक्षित, गोपालकृष्ण व्यास, नरोत्तम कृष्ण व्यास, तारा दीक्षित, मंगला दीक्षित, अरविंद जोशी, राज्यश्री मेहता, शकुन व्यास, चित्रा व्याय, रश्मि व्यास, लतिका पण्ड्या , नेत्री व्यास, भव्य शेखर व्यास, प्रणम्य शेखर व्यास, भौम्य शेखर व्यास सहित विद्यापीठ के कार्यकर्ता व शहर गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
संचालन डॉ. कुल शेखर व्यास ने किया जबकि आभार सोम शेखर व्यास ने दिया।
बहुमूखी प्रतिभा के धनी थे डॉ. व्यास – प्रो. सारंगदेवोत
