मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अरनोद सीएचसी का निरीक्षण किया।
प्रतापगढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीवराज मीणा ने अरनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर भर्ती प्रसूताओं और रोगियों का हाल जाना। उन्होंने यहां भर्ती प्रसूताओं और परिजनों से बातचीत की और पूछा कि आपके बच्चे के जन्म पर बधाई के नाम पर स्टाफ कोई बख्शीष तो नहीं मांगता है। जवाब में भर्ती प्रसूताओं ने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की फीस या फिर बख्शीष के नाम पर किसी ने भी एक रूपय की भी मांग नहीं किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।
डॉ मीणा बुधवार को अरनोद सीएचसी का निरीक्षण करने के लिए आए थे। इस अवसर पर अरनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी एवं खण्ड मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ गोपाल मीणा, एवं परमेष्वर सिंह सिसोदिया की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आगमन पर स्टाफ के साथ फूल माला पहनाकर स्वागत किया।
उन्होंने पीएनसी और गायनिक वार्ड में भर्ती रोगियों और प्रसूताओं से बातचीत करके स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी हकीकत की पड़ताल की। उन्होंने निषुल्क दवा योजना के काउंटर, ओटी, लेबर रूम और जनरल वार्ड का निरीक्षण किया और स्टाफ से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डिलीवरी का लोड बढ़ाने के लिए कम से कम एक फिमेल स्टाफ की नियुक्ती रात में जरूर की जावें। ताकि प्रसूताओं को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो और अस्पताल में प्रसव कराने में वे निसंकोच और बेझिझक आए। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्येय है कि अस्पताल में प्रसूताओं को सभी प्रकार की विषेषज्ञ सुविधाएं निषुल्क और गुणवत्ता पूर्ण मिले। इसके लिए जेएसएसवाई के साथ प्रसूताओं को दिए जा रहे गर्म भोजन और सुविधाओं की पड़ताल की।
निरीक्षण के अवसर पर आरसीएचओ डॉ जगदीप खराड़ी ने मातृ षिषु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण पर होम बेस्ड केयर पर विषेष ध्यान देने के निर्देष दिए। निरीक्षण के अवसर पर सीएमएचओ कार्यालय के स्टाफ के साथ ही दलोट उपखण्ड के भी सभी अधिकारी मौजूद थे।
