उदयपुर, 29 सितम्बर। संभाग के राजसमन्द जिले में नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारी एवं पशुधन सहायकों को लम्पी स्किन डिजीज का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. भूपेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में लंपी रोग की स्थिति नियंत्रण में है किन्तु सावधानी रखते हुए इसके फैलाव को रोकने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने पृथक्करण, उपचार, शव निस्तारण की विस्तृत जानकारी देते हुए संक्रमित पशुओं की आहार व्यवस्था पर भी आवश्यक जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने नवनियुक्त पदस्थापित कर्मियांे को संबोधित करते हुए कहा कि गौवंशीय पशुओं की उपचार सेवा को अभी अत्यधिक आवश्यकता है। इसलिए पूर्ण निष्ठा, लगन एवं ईमानदारी के साथ कार्य कर पशुपालकों को राहत पहुंचाने का कार्य करे।
विभाग के डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने बताया कि संभाग में अब तक 562303 पशुओं में इस रोग के बचाव का टीका लगाया जा चुका है। जिसके तहत उदयपुर जिले में अब तक 87963, चित्तौड़गढ़ जिले मे 108880, डुंगरपुर जिले मे 52585, बांसवाड़ा जिले में 166420, राजसमन्द जिले में 13675 तथा प्रतापगढ़ जिले में 132780 पशुओं को इस रोग से बचाव के टीके लगाए जा चुके हैं।
नवनियुक्त पशु चिकित्साकर्मियों को दिया रोग नियंत्रण पर विशेष प्रशिक्षण
