-भटके युवाओं को सही दिशा दिखाना सामुहिक दायित्व – राज्यपाल आचार्य देवव्रत
उदयपुर, 10 फरवरी। विद्याभवन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रमें गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सही दिशा कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय गतिविधियों का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम संयोजक मनोज राजपुरोहित ने बताया कि माननीय राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा और सृजनात्मकता में लगानी चाहिए। उन्होने कहा कि यह सत्य है कि हमारा देश और समाज प्रगति की दिशा में अग्रसर है किंतु कुछ युवा और बालक यदि दिशा से भटक जाते है तो उन्हे सही दिशा में लाना समाज का सामुहिक दायित्व है। उनमें उचित संस्कारों का सृजन करना ही ऐसे कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य है। कार्यक्रम में माउंट आबू स्थित आर्ष गुरूकुल महाविद्यालय संस्थापक स्वामी ओमानंद ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह केवल कार्यक्रम नहीं है बल्कि युवाओं के लिए दिशा बोध का सशक्त माध्यम है। उन्होने गुरुकुल शिक्षा को सही दिशा का आधार बताते हुए कहा कि इससे समाज में शिक्षा और संस्कारों का नया स्वरूप विकसित हो सकता है।संयोजक पुरोहित ने बताया कि दो दिनों में विभिन्न सत्रों के दौरान 700 से 800 प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी ने खुले संवाद, मन की बात और प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से अपने विचार साझा किए। समूचे मेवाड़ अंचल के लिए लाभकारी रहे ऐसे कार्यक्रमों के अगले सत्र शीघ्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पंकज बोराणा, पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, सुधीर वर्मा और मन्नूलाल खराड़ी उपस्थित रहे।
