उदयपुर। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से भुवाणा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रथम तल पर संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर की ओर से सायरा के आंगनवाड़ी केंद्र पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच घरेलू हिंसा से बचाव और गुड टचदृबैड टच की जानकारी देने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को घरेलू हिंसा की पहचान, उससे बचाव के उपाय और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई, वहीं बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में सरल भाषा में समझाया गया।
केंद्र प्रबंधक किरण पटेल के निर्देशन में विशेषज्ञों ने बताया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं होती, बल्कि मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और मौखिक उत्पीड़न भी इसके अंतर्गत आता है। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा को सहन करना मजबूरी नहीं है और इसके खिलाफ कानून में सख्त प्रावधान मौजूद हैं। उन्हें घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला हेल्पलाइन नंबर और नजदीकी सहायता केंद्रों की जानकारी दी गई। बच्चों के लिए आयोजित सत्र में गुड टचदृबैड टच की अवधारणा को चित्रों और उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि कौन सा स्पर्श सुरक्षित होता है और कौन सा असुरक्षित। साथ ही यह भी सिखाया गया कि यदि कोई उन्हें असहज महसूस कराए तो तुरंत ना कहें और अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि डरने या शर्माने की जरूरत नहीं है और अपनी बात खुलकर कहना उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों से खुलकर संवाद करें और उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सुरक्षा, भरोसे और आत्मविश्वास का माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की योजना है, ताकि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम में केस वर्कर सुमित्रा चैबीसा, आईटी वर्कर लीला मीणा, साथिन राजूदेवी ने भी विचार रखे।
