राजसमन्द,16 फरवरी। बेटे की चाह में तकनिक का दूरूपयोग ना हो तथा कन्या भ्रुण हत्या रोकथाम के लिये समाज में बेटीयों के महत्व का प्रचार प्रसार करें तथा सोनोग्राफी संस्थान गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनिक अधिनियम का पूर्ण पालन करें। उन्हांने बताया कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा बेटी जन्म प्रोत्साहन को लेकर लाडो सहित सभी योजनाओं की जानकारी पहुंचाये। यह निर्देश राज्य पीसीपीएनडी ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ हेमन्त जाखड़ ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में दी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान प्रदेश पीसीपीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन में देशभर में रोल मॉडल बनकर उभरा है तथा हम लगातार तकनिक के दुरूपयोग को लेकर सर्तक है। लेकिन इसके लिये सरकार के साथ – साथ समुदाय की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने मुखबिर योजना की भी विस्तार से जानकारी दी तथा अधिनियम के उल्लंघन एवं अवैध गतिविधियों की मुखबीरी हेतु आमजन को प्रोत्साहित करने को लेकर आवश्यक चर्चा की। उन्होंने सोनोग्राफी सेन्टरर्स के नियमित निरीक्षण तथा प्रदेश स्तर से निर्धारित समय – समय पर होने वाले सघन निरीक्षण अभियानो के तहत समुचित प्राधिकारीयों द्वारा सोनोग्राफी सेन्टर्स के निरीक्षण करने के लिये निर्देशित किया।
बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित मां वाउचर योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकारी एवं निजी सोनोग्राफी सेंटरर्स को आवश्यक दिशा निर्देश दिये तथा निर्देशित किया कि राजकीय चिकित्सा संस्थानो पर प्रतिमाह दिनांक 9,18,27 को गर्भवती महिलाओं को दिये जाने वाले मां वाउचर के लाभार्थीयों को अपने संस्थानो पर सुविधाएं प्रदान करते हुए तुरंत सोनोग्राफी करें तथा तत्काल ही प्रोर्टल पर अपडेट करें। बैठक में राज्य सरकार की फ्लेगशीप योजना लाडो प्रोत्साहन के प्रचार प्रसार को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ महेन्द्र खंगारोत, उपखण्ड समुचित प्राधिकारी, सरकारी एवं निजी सोनोग्राफी संस्थान के प्रतिनिधी, स्वयं सेवी संस्थानो के प्रतिनिधी उपस्थित थे।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य भवन सभागार में हुई बैठक
