उदयपुर। सीए पल्लवी मेहता ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि केंद्रीय बजट 2026 में फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (ैज्ज्) बढ़ा दिया गया है। सरकार का मानना है कि हाल के वर्षों मेंफ्यूचर एंड ऑप्शंस सेगमेंट में अत्यधिक और असंतुलित ट्रेडिंग बढ़ी है। जिसमें बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
एसटीटी बढ़ाने का उद्देश्य अत्यधिक सट्टा ट्रेडिंग को हतोत्साहित करना और निवेशकों को जोखिम के प्रति सतर्क करना है। बजट में ऑप्शंस और फ्यूचर्स दोनों पर एसटीटी दरों में वृद्धि की गई है, जिससे हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग महंगी होगी। वहीं दूसरी ओर सरकार ने टैक्स कंप्लायंस को बढ़ावा देने के लिए विदेशी संपत्ति और विदेशी आय के खुलासे हेतु 6 महीने की विशेष अमनेस्टी स्कीम की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत करदाता बिना कड़े दंड के अपनी अनघोषित विदेशी संपत्ति का खुलासा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य टैक्स बेस को बढ़ाना और स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना है। कुल मिलाकर बजट में एक ओर जोखिम भरी ट्रेडिंग पर नियंत्रण,तो दूसरी ओर पारदर्शिता और टैक्स कंप्लायंस को बढ़ावा देने का स्पष्ट संकेत दिया गया है।
केंद्रीय बजट: फ्यूचर एवं ऑप्शन ट्रेडिंग पर सख्ती, विदेशी संपत्ति खुलासे का अवसर — सीए पल्लवी मेहता
