उदयपुर। विगत कुछ दिनों में माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से प्रदत ऋण की वसूली के कारण ऋणियों द्वारा सपरिवार आत्महत्या जैसी शिकायतों की खबरे आ रही थी, जिसको लेकर मामले की गंभीरता को मध्येनजर रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा संजीदगी दिखाते हुए आज जिला कलेक्टर श्री तारा चंद मीणा की अध्यक्षता में जिले में संचालित माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में MFIs के सेल्फ रेगुलेटरी आर्गेनाईजेशन (SRO) Sa-Dhan के वेस्ट जोन के रीजनल कोऑर्डिनेटर श्री महताब आलम ने MFIs के काम करने एवं फाइनेंस मॉडल के बारे में सभी को जानकारी दी। श्री महताब ने बताया कि MFIs हमेशा समूह में एवं महिला सदस्यों को ही ऋण प्रदान करता है तथा ऋण के सापेक्ष कोई गारंटी नहीं ली जाती है। ऋण की क़िस्त भुगतान की जिम्मेदारी आपस में समूह के सदस्यों की होती है।
बैठक में जिला कलेक्टर श्री तारा चंद मीणा ने जिले में संचालित सभी माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं एवं SRO, Sa-Dhan को जिले में संचालित MFIs की सूची तथा वर्किंग एवं फाइनेंस मॉडल की जानकारी जनहित में स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाने के निर्देश दिए ताकि लोगों को रेगुलेटेड MFI एवं अन-रेगुलेटेड निजी फाइनेंस कंपनियों के बारे में फर्क समझ आ सके।
बैठक के समन्वयक अग्रणी जिला प्रबंधक श्री राजेश जैन ने कहा कि MFI ऋण देने के समय लोन कार्ड, ब्याज दर, बीमा शुल्क इत्यादि के बारे में हिंदी तथा स्थानीय भाषा में लोगों को अवगत करवाएं। बैठक में Sa-Dhan (SRO) के अलावा आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस, जना स्माल फाइनेंस बैंक, अनपूर्णा फाइनेंस, इक्विटास स्माल फाइनेंस बैंक, सैटिन् क्रेडिट केयर, पहल फाइनेंस एवं अन्य 14 MFIs के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
